Dubai: जुमे की नमाज़ के बाद कार में मिला भारतीय प्रवासी का शव, परिवार में मचा कोहराम.

Sushma Kumari23 September 20263 min read80 viewsUAE
Dubai: जुमे की नमाज़ के बाद कार में मिला भारतीय प्रवासी का शव, परिवार में मचा कोहराम.

दुबई से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां केरल के रहने वाले 32-year-old भारतीय प्रवासी T.V. Firoz की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। फिरोज को उनकी पार्क की हुई कार में मृत पाया गया, जिससे पूरे प्रवासी समुदाय और उनके परिवार में मातम छा गया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट यानी दिल का दौरा पड़ना बताया जा रहा है, लेकिन दुबई के स्थानीय अधिकारियों की तरफ से आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इस घटना ने एक बार फिर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के परिवारों की चिंता को बढ़ा दिया है, जो अपने घर-परिवार से दूर रोजी-रोटी कमाने के लिए विदेशों में रहते हैं।

कैसे सामने आई यह पूरी घटना

मृतक फिरोज मूल रूप से भारत के केरल राज्य के कासरगोड जिले के कान्हाങ്ങാड के रहने वाले थे। वह दुबई में अपने दो भाइयों Ashraf और Jainuddin के साथ मिलकर एक सुपरमार्केट चलाते थे। घटना वाले दिन यानी 19 September को, फिरोज दोपहर के समय करीब 11:00 a.m. अपने कमरे से जुमे की नमाज़ अदा करने के लिए बाहर निकले थे। जब वह तय समय पर वापस नहीं लौटे और काफी देर तक उनका कुछ पता नहीं चला, तो उनके भाइयों ने उनकी तलाश शुरू की। रात के करीब 9:00 p.m. बजे उनके भाइयों ने फिरोज को उनकी ही गाड़ी में दुकान के पीछे अहोश या अनुत्तरदायी हालत में पाया। परिवार के लोगों ने घबराहट में कार का शीशा तोड़ा और उन्हें तुरंत बाहर निकाला, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया।

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खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा और आंकड़े

यह दुखद मामला ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में संसद में प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और मौतों को लेकर आंकड़े पेश किए गए हैं। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व के देशों में क्षेत्रीय संघर्षों और अन्य दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में भारतीयों की जान गई है। हाल ही में 22 September को राज्य सभा में विदेश मंत्रालय के राज्य मंत्री Kirti Vardhan Singh ने एक लिखित बयान जारी कर बताया था कि साल 2026 के दौरान क्षेत्रीय संघर्षों में 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। इन आंकड़ों के मुताबिक, ओमान में 8, यूएई में 4, कुवैत में 2 और सऊदी अरब तथा इराक में 1-1 भारतीय की जान गई है। इसके अलावा, इस दौरान कुल 75 भारतीय घायल भी हुए हैं, जिनमें अकेले 32 लोग यूएई से संबंधित हैं। इसके अलावा कतर के रास लाफन में एक गैस फैसिलिटी हादसे में भी 12 भारतीयों की जान चली गई थी।

वर्कप्लेस और दूतावास की मदद

विदेश मंत्रालय के 2023–2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशों में काम के दौरान होने वाली मौतों में से करीब 55 percent मौतें अकेले गल्फ देशों यानी खाड़ी क्षेत्र में हुई हैं। अकेले सऊदी अरब में इस दौरान 182 मौतें दर्ज की गईं, जबकि यूएई में यह आंकड़ा 128 का रहा। आपको बता दें कि छह खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC देशों में कुल मिलाकर लगभग 1 crore भारतीय रहते हैं, जिनमें अकेले यूएई में रहने वाले भारतीयों की संख्या 43 lakh से ज्यादा है। यूएई के कानून Federal Decree Law No. 33 of 2021 के तहत यह नियम है कि नियोक्ता यानी कंपनी को ही मृतक कर्मचारी के शव को उसके स्वदेश भेजने यानी रिपैट्रिएशन का पूरा खर्च उठाना होगा, लेकिन इसके बावजूद कई बार पीड़ित परिवारों को भारी कागजी कार्रवाई और देरी का सामना करना पड़ता है। किसी भी आपात स्थिति या मदद के लिए भारतीय दुबई कंसोलिडेटेड ऑफिस के 24/7 helpline नंबर +971 50 734 7676 और प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र के नंबर 800 46342 पर संपर्क कर सकते हैं। इस खबर की पुष्टि और आंकड़े आधिकारिक कंसुलर खातों, परिवार के बयानों और संसद में दिए गए सरकारी बयानों के आधार पर की गई है, जिसकी विस्तृत जानकारी Gulfhindi.com पर उपलब्ध कराई गई है।

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