Oman के पास समुद्री हमले से मचा हड़कंप, 768 भारतीय नाविक गल्फ में फंसे.

Praggya Singh sabal27 September 20263 min read5 viewsExpat Issues
Oman के पास समुद्री हमले से मचा हड़कंप, 768 भारतीय नाविक गल्फ में फंसे.

गल्फ देशों के समुद्री इलाके में सुरक्षा हालात खराब होने की वजह से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है, जिससे भारत के कई नाविक बुरी तरह फंस चुके हैं। ओमान के तट के पास हुए एक खतरनाक हमले के बाद से हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और लोग अपने घरों को लौटने के लिए लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस संकट की स्थिति में आम परिवारों की चिंताएं बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं क्योंकि उनके अपने लोग समंदर के बीचों-बीच फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का इंतजार किया जा रहा है।

गल्फ के पानी में फंसे 768 भारतीय नाविक

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग यानी DGS की तरफ से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस समय गल्फ के पानी और बंदरगाहों पर कुल 23,000 भारतीय नाविक मौजूद हैं। इनमें से 768 भारतीय नाविक ऐसे 28 भारतीय झंडे वाले टैंकरों और कार्गो जहाजों पर फंसे हुए हैं जो सुरक्षा कारणों से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इन आंकड़ों के अनुसार यूएई में 12,830, सऊदी अरब में 3,131, कतर में 2,372, ओमान में 1,687 और बहरीन में 276 भारतीय नाविक मौजूद हैं। हालांकि प्रशासन की तरफ से अब तक मस्कट और बहरीन से 215 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन बाकी बचे हुए क्रू मेंबर अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

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ओमान तट के पास जहाज पर हमला

यह पूरा संकट तब और ज्यादा गहरा गया जब ओमान के मुसंदम तट के पास एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले जहाज MV Cape Dao पर एक घातक हमला हुआ। यह जहाज यूएई के मीना साक़र से भारत की तरफ आ रहा था और तभी इसके इंजन रूम और अक्कमोडेशन डेक पर बम या मिसाइल जैसी चीजें आ गिरीं। इस जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे जिनमें से 20 भारतीय नागरिक थे। इस भयानक हादसे में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के कर्माजीत पुर के रहने वाले 26 साल के वाइपर सूरज यादव की सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से मौत हो गई। जहाज पर मौजूद बाकी के 19 भारतीयों को ओमान की रॉयल नेवी ने सुरक्षित बचा लिया है और अब सूरज यादव का परिवार उनके शव के भारत लौटने का इंतजार कर रहा है।

यूनियन की अपील और जमीन पर फंसे दूसरे प्रवासी

फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ़ इंडिया ने देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है कि होर्मुज, ओमान की खाड़ी, लाल सागर और काला सागर के इलाकों में civilian नाविकों की जान को बहुत बड़ा खतरा बना हुआ है। इसके अलावा ओमान के सलालाह शहर में जमीन पर काम करने वाले उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के एक फर्नीचर वर्कर मुशीर अब्बास को भी जबरन रोके जाने की खबर सामने आई है। उनके परिवार का आरोप है कि मालिक ने उनका पासपोर्ट अपने पास रख लिया है और उनसे सैकड़ों ओमान रियाल का एग्जिट फाइन मांगा जा रहा है, साथ ही उन्हें कमरे से बाहर निकालने की धमकी भी दी जा रही है। परिवार ने भारतीय दूतावास मस्कट को सोशल मीडिया पर कई बार मदद के लिए टैग किया है, लेकिन अभी तक उन्हें किसी भी तरह की व्यावहारिक मदद नहीं मिल पाई है।

भारतीय नौवहन महानिदेशालय यानी DGS का यह कहना है कि वे इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और मस्कट, मनामा, अबू धाबी और दोहा में स्थित भारतीय दूतावास प्रभावित लोगों के संपर्क में हैं। इसके बावजूद देवरिया, बलरामपुर, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में रहने वाले परिवारों की मांग है कि फंसे हुए सभी 768 नाविकों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला जाए, सूरज यादव के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके घर भेजा जाए और मुशीर अब्बास का पासपोर्ट वापस दिलाया जाए ताकि वे अपने वतन लौट सकें।

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