मध्य पूर्व में बाहरी दखल बर्दाश्त नहीं, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची का बड़ा बयान.

Aanya19 September 20262 min read16 viewsWorld
मध्य पूर्व में बाहरी दखल बर्दाश्त नहीं, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची का बड़ा बयान.

मध्य पूर्व एशिया में सुरक्षा को लेकर इन दिनों कूटनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है और हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एक बड़ा बयान देते हुए साफ किया कि क्षेत्र की सुरक्षा बाहर से तय नहीं की जा सकती है। उन्होंने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में साफ शब्दों में कहा कि इस इलाके में टिकाऊ शांति और सुरक्षा किसी बाहरी ताकत के निर्देशों से नहीं चल सकती है। उनके इस बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर से चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अलग-अलग देशों के अपने नजरिए सामने आ रहे हैं।

इंडोनेशिया के ग्लोबल टाउन हॉल में रखा पक्ष

यह पूरा मामला इंडोनेशिया के ग्लोबल टाउन हॉल 2026 का है, जिसका आयोजन फॉरेन पॉलिसी कम्युनिटी ऑफ इंडोनेशिया यानी FPCI द्वारा 19 सितंबर 2026 को किया गया था। इस वर्चुअल सम्मेलन का मुख्य विषय दुनिया को एक नई दिशा देना और न्याय को बहाल करना था। इसी मंच से बोलते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय मामलों में बाहरी हस्तक्षेप से हालात सुधरने के बजाय और अधिक बिगड़ते हैं। उन्होंने इससे पहले 16 सितंबर 2026 को बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री Wang Yi के साथ अपनी मुलाकात के दौरान भी यही बात दोहराई थी। उस समय उन्होंने कहा था कि नए क्षेत्रीय ऑर्डर में विदेशी ताकतों की मौजूदगी या दखलंदाजी के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री से हुई खास बातचीत

एक तरफ जहां ईरानी मंत्री वैश्विक मंचों पर बाहरी दखल का विरोध कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कूटनीतिक संवाद का सिलसिला भी जारी रखा। ग्लोबल टाउन हॉल वाले दिन ही उनकी बातचीत पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar के साथ फोन पर हुई। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र के ताजा हालातों पर विस्तार से चर्चा की। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इस दौरान इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति और सुरक्षित समुद्री मार्ग इस समय बेहद जरूरी हैं। साथ ही उन्होंने शांति स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति को ही सबसे बेहतर जरिया बताया। दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे आपसी सहयोग को आगे भी बनाए रखेंगे और आगामी 81st UN General Assembly के दौरान न्यूयॉर्क में फिर से मुलाकात करेंगे। ईरानी मंत्री का यह भी कहना रहा है कि वे अपने पड़ोसियों के साथ दोस्ताना बातचीत और कूटनीतिक समाधान के रास्ते पर चलने के लिए हमेशा तैयार हैं।

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