अबू धाबी में निर्माण नियम बदले, सलाहकार और ठेकेदार दोनों की जिम्मेदारी तय

अबू धाबी: अबू धाबी के शहरी योजना और परमिट केंद्र (UPPC) ने अपने सर्कुलर नंबर 9 वर्ष 2026 के जरिए निर्माण परियोजनाओं की प्रक्रिया बदल दी है। 14 अक्टूबर 2026 को जारी इस सर्कुलर का मकसद निर्माण के हर चरण में सलाहकारों और ठेकेदारों की भूमिका साफ करना और काम को तेजी से पूरा कराना है।
सर्कुलर अमीरात में नई और चल रही सभी इमारतों पर लागू होगा। इसमें ढांचागत, वास्तुकला, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग (MEP) कार्य शामिल हैं, साथ ही इमारत नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा जोड़े गए अतिरिक्त काम भी। सलाहकारों को निर्माण पर नजर रखनी होगी कि काम स्वीकृत नक्शों और नियमों के मुताबिक हो रहा है। ठेकेदारों को अपना सारा काम व्यवस्थित तरीके से दर्ज करना होगा।
UPPC के महानिदेशक इंजीनियर अब्दुल्ला मोहम्मद अल ब्लूशी ने कहा कि इस सर्कुलर का उद्देश्य गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों को बनाए रखते हुए परियोजनाओं की प्रगति सुचारू रखना है। उनके अनुसार दस्तावेज़ और मंजूरी की जरूरतें सरल की गई हैं।
सर्कुलर के तहत सलाहकार और ठेकेदार अपने कानूनी दायरे में आने वाली किसी भी गैर-अनुपालन या खामी के लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे। ठेकेदारों को बड़े चरण शुरू करने से पहले सलाहकारों को सूचित करना होगा। काम पूरा होने पर दोनों पक्ष मिलकर प्रमाणित तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेंगे और उस पर दोनों के हस्ताक्षर होंगे।
इन रिपोर्टों को सलाहकार एकीकृत परमिट प्रणाली (Unified Permitting System) के जरिए जमा करेंगे। कुछ श्रेणियों में ये रिपोर्टें पारंपरिक चरण समापन परमिट की जगह ले सकती हैं। हालांकि अबू धाबी सिविल डिफेंस अथॉरिटी जैसी बाहरी संस्थाओं की अनिवार्य फील्ड जांच और मंजूरी पहले की तरह लागू रहेगी।
अब परियोजनाओं को तकनीकी दस्तावेज़ीकरण के ऊंचे मानकों का पालन करना होगा, जिसमें फोटोग्राफिक सबूत और विज़ुअल रिपोर्ट शामिल हैं। UPPC बिना पूर्व सूचना के साइट का दौरा करेगा ताकि नियमों के पालन की जांच हो सके। केंद्र ने चेतावनी दी है कि सलाहकार और ठेकेदार कानूनी दायित्वों से बंधे रहेंगे, और उल्लंघन पर प्रवर्तन कार्रवाई, जुर्माना और कानूनी दंड लगाए जाएंगे।