Abu Dhabi Crown Prince: भारत में मिले अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और रूस के राष्ट्रपति.

नई दिल्ली में आयोजित 18th BRICS Summit के दौरान एक बड़ी कूटनीतिक मुलाकात देखने को मिली। इस सम्मेलन से इतर, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस H.H. Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने रूसी संघ के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की। यह बैठक दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों और आपसी सहयोग को और आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक की शुरुआत में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने रूस के राष्ट्रपति को संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan की तरफ से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की, साथ ही रूस के नागरिकों की तरक्की और खुशहाली के लिए भी अपनी बात रखी।
दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भी यूएई के राष्ट्रपति को अपनी तरफ से गर्मजोशी के साथ शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने यूएई की निरंतर सफलता और वहां के लोगों के कल्याण के लिए अपनी गहरी उम्मीदें जताईं। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच इस तरह का संवाद यह दिखाता है कि यूएई और रूस के रिश्ते समय के साथ कितने गहरे और मजबूत होते जा रहे हैं।
UAE-Russia Relations पर हुई खास चर्चा
अपनी इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने UAE-Russia relations की मौजूदा स्थिति पर लंबी बातचीत की। उन्होंने उन सभी रास्तों और तरीकों पर विचार किया जिनसे दोनों देशों के बीच के व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों को और ज्यादा मजबूत किया जा सके। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साझा हितों को साधना और वहां के नागरिकों की उम्मीदों को पूरा करना था।
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने आज के दौर के कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक मंचों पर आपसी तालमेल और सहयोग को बनाए रखना कितना जरूरी है।
BRICS Summit के नतीजों पर जोर
चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात को लेकर सहमति जताई कि BRICS Summit के जो भी नतीजे और सिफारिशें सामने आई हैं, उन पर लगातार आपसी समन्वय रखना बहुत जरूरी है। उनका मुख्य लक्ष्य इन सिफारिशों और सुझावों को कागजों से निकालकर जमीनी स्तर पर प्रैक्टिकल पहलों में बदलना है, जिससे बैठक में शामिल सभी पक्षों को सीधा फायदा मिल सके। इस तरह की उच्च स्तरीय बैठकों से खाड़ी देशों और रूस के बीच कूटनीतिक रिश्ते नए आयाम छू रहे हैं, जिसका असर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देगा।