Abu Dhabi में मकान मालिकों को राहत, पुरानी इमारतों के सर्टिफिकेट की डेडलाइन बढ़ी.

अबू धाबी में रहने वाले लोगों और प्रॉपर्टी मालिकों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। नगरपालिका और परिवहन विभाग यानी DMT ने पुरानी इमारतों के लिए बिल्डिंग ओक्यूपेंसी सर्टिफिकेट हासिल करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ा दिया है। अब प्रॉपर्टी मालिक इस काम को 30 नवंबर 2026 तक पूरा कर सकते हैं। इस फैसले से उन हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है जो तय समय सीमा के अंदर अपनी इमारतों के कागजात पूरे नहीं कर पा रहे थे।
किन इमारतों पर लागू होता है नया नियम
यह नया आदेश मुख्य रूप से उन कमर्शियल और रेजिडेंशियल यानी रिहायशी इमारतों पर लागू होता है जो 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं। इसके अलावा जिन कमर्शियल या इन्वेस्टमेंट विला और ऐसी प्रॉपर्टीज में कोई स्ट्रक्चरल खराबी या सुरक्षा से जुड़ी दिक्कत Urban Planning and Permits Centre द्वारा पाई गई है, उन्हें भी यह सर्टिफिकेट लेना जरूरी है। इस पूरी पहल का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी इमारतें सुरक्षा के मानकों पर खरी उतरें। इसमें मुख्य तौर पर इमारत की मजबूती, आग से बचाव के इंतजाम, गैस सिस्टम, पानी और ड्रेनेज के रास्ते और वेंटिलेशन शामिल हैं ताकि किसी भी तरह के बड़े हादसे से बचा जा सके।
क्या है आवेदन करने का तरीका और जुर्माना
प्रॉपर्टी मालिकों को इसके लिए म्युनिसिपल ई-परमिटिंग सिस्टम के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करने से पहले उन्हें किसी रजिस्टर्ड इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी की मदद लेनी होगी जो इमारत की पूरी जांच करके जरूरी टेक्निकल रिपोर्ट तैयार करेगी। अगर कोई भी ओनर इस नियम का पालन नहीं करता है और समय पर सर्टिफिकेट नहीं लेता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। ऐसे लापरवाह लोगों पर 10 लाख दिरहम तक का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है।
किरायेदारों और तवसीक पर असर
नियमों का पालन न करने वाली इमारतों के लिए अबू धाबी रियल एस्टेट सेंटर यानी ADREC द्वारा Tawtheeq रेंट एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन या रिन्यूअल को ब्लॉक किया जा सकता है। इसका सीधा असर अबू धाबी सिटी, अल ऐन और अल धफरा में रहने वाले उन किरायेदारों पर पड़ सकता है जो ऐसी इमारतों में रहते हैं। अधिकारियों ने किरायेदारों को सलाह दी है कि वे अपने मकान मालिक से एग्रीमेंट रिन्यू कराने से पहले ओक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की स्थिति और तवसीक की तैयारी की पक्की जांच जरूर कर लें ताकि बाद में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह पूरा आवेदन प्रोसेस सिर्फ प्रॉपर्टी मालिक या उनके अधिकृत मैनेजर को ही पूरा करना होता है, इसमें किरायेदारों का कोई लेना-देना नहीं होता है।