अबू धाबी जिरान कार्यक्रम: नए प्रवासियों को मिलेगा पड़ोसियों जैसा साथ

अबू धाबी: विदेश से नए शहर में आकर घर ढूंढना और रोज़मर्रा की चीज़ों को समझना आसान नहीं होता। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए अबू धाबी के सामुदायिक विकास विभाग (DCD) ने अबू धाबी जिरान कार्यक्रम शुरू किया है। 'जिरान' का मतलब है 'पड़ोसी', और इस पहल का मकसद नए प्रवासियों को पहले ही दिन से अपनापन देना है।
यह स्वयंसेवी कार्यक्रम 2 अक्टूबर 2026 को LIVEX 2026 मेले में औपचारिक रूप से पेश किया गया। इसे इमिरेट्स फाउंडेशन, अबू धाबी रियल एस्टेट सेंटर (ADREC) और अबू धाबी ग्लोबल मार्केट (ADGM) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है।
कैसे काम करेगा जिरान
इस कार्यक्रम के तहत नए रहने आए लोगों को स्थानीय स्वयंसेवकों से जोड़ा जाएगा। ये स्वयंसेवक उन्हें आसपास के इलाके की जानकारी देंगे, जैसे कि स्कूल कहां हैं, अस्पताल और बैंक किस तरफ हैं, और सरकारी सेवाएं कैसे ली जाती हैं। स्वयंसेवक नए आने वालों का स्वागत पड़ोसी की तरह करेंगे और उन्हें यहां की संस्कृति और सुविधाओं से परिचित कराएंगे।
नए निवासियों को एक स्वागत उपहार भी दिया जाएगा, जिसमें स्थानीय स्तर पर बनी चीज़ें होंगी। विभाग का मानना है कि यह छोटा-सा इशारा नए लोगों को पहले दिन से यह एहसास दिलाएगा कि वे इस समुदाय का हिस्सा हैं।
फिलहाल यह कार्यक्रम अपने पहले चरण में है और यास आइलैंड, सादियात आइलैंड और अल रीम आइलैंड को इसमें शामिल किया गया है। आगे चलकर इसे शहर के दूसरे इलाकों तक बढ़ाने की योजना है।
डीसीडी के अनुसार, यह कार्यक्रम भारत समेत दूसरे देशों से आने वाले नए प्रवासियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि वे नए शहर की मुश्किलों को आसानी से पार कर सकें और उन्हें घर जैसा महसूस हो। इस खबर की जानकारी अबू धाबी के सामुदायिक विकास विभाग, एमिरेट्स न्यूज़ एजेंसी (WAM) और विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों से