कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम, अबू धाबी के BAPS हिंदू मंदिर में गूंजी विशेष प्रार्थनाएं

अबू धाबी स्थित भव्य BAPS हिंदू मंदिर में एक बेहद भावुक और आध्यात्मिक माहौल देखा गया, जहां फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के लिए विशेष प्रार्थनाएं और पारंपरिक अभिषेक किया गया। यह कदम कैप्टन स्मित की उस अदम्य साहस और वीरता को सम्मान देने के लिए उठाया गया, जिसने दुबई से अबू धाबी जा रही फ्लाइट में को-पायलट के हमले के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर कई यात्रियों की जान बचाई।
मंदिर के अभिषेक मंडप में संतों, समुदाय के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने एकजुट होकर भारतीय पायलट के जल्द स्वस्थ होने और उनके परिवार को संबल देने की कामना की। इस विशेष आयोजन की प्रेरणा आध्यात्मिक गुरु महंत स्वामी महाराज और पूज्य ब्रह्मविहारी स्वामीजी से मिली। मंदिर के निदेशक प्रणव देसाई ने बताया कि कैप्टन स्मित की वीरता की गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई दी है, और उन्हें भारत व यूएई दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से सराहना मिली है।
यूएई और भारत के बीच रिश्तों की मिसाल बनी यह घटना
प्रणव देसाई ने उस पल को याद करते हुए गर्व महसूस किया जब दुबई के क्राउन प्रिंस ने अस्पताल जाकर घायल पायलट के माथे को चूमा। उन्होंने कहा कि यह दृश्य न केवल एक भारतीय के तौर पर गर्व महसूस कराता है, बल्कि यूएई नेतृत्व की उस उदारता को भी दर्शाता है जहां हर किसी को अपना माना जाता है। उन्होंने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि यूएई में रहने वाला हर व्यक्ति वास्तव में एक 'इमारती' है।
वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बात की और उनके धैर्य व साहस की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा है। इस बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित काफी भावुक हो गए थे।
मंदिर के पुजारी पूज्य अनंतनंदानंद स्वामी ने कहा कि महंत स्वामी महाराज ने जब पायलट की चोटों के बारे में सुना, तो उन्होंने तुरंत प्रार्थना करने का सुझाव दिया। स्वामीजी के अनुसार, BAPS हिंदू मंदिर शांति और सद्भाव का प्रतीक है, इसलिए ऐसे व्यक्ति के लिए प्रार्थना करना उचित था जिसने दूसरों की सुरक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित "दूसरों की खुशी में ही अपनी खुशी" देखने के आदर्श का जीता-जागता उदाहरण हैं।
मंदिर प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि कैप्टन स्मित जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवार के साथ अबू धाबी मंदिर के दर्शन करने आएंगे। गौरतलब है कि इस मंदिर का उद्घाटन 14 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।