अबू धाबी में 30 साल पुरानी इमारतों के लिए डेडलाइन बढ़ी

Nura Basta1 October 20262 min read5 viewsUAE
अबू धाबी में 30 साल पुरानी इमारतों के लिए डेडलाइन बढ़ी

अबू धाबी में प्रॉपर्टी मालिकों और रियल एस्टेट ऑपरेटरों के लिए एक बेहद जरूरी अपडेट सामने आया है। अगर आपकी संपत्ति 30 साल से अधिक पुरानी है, तो आपके लिए नियमों का पालन करना और भी जरूरी हो गया है। प्रशासन ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए समय सीमा में बदलाव किया है, ताकि सभी पुरानी इमारतों को पूरी तरह सुरक्षित और वैध बनाया जा सके।

क्या है नया अपडेट और डेडलाइन?

अबू धाबी के डिपार्टमेंट ऑफ म्युनिसिपैलिटीज एंड ट्रांसपोर्ट (DMT) ने 30 साल से अधिक पुरानी संरचनाओं के लिए बिल्डिंग ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। अब इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 30 नवंबर 2026 की नई समय सीमा तय की गई है, जिसे पहले सितंबर 2026 तक पूरा करना था।

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यह नियम मुख्य रूप से निम्नलिखित संपत्तियों पर लागू होता है:

  • कमर्शियल बिल्डिंग्स
  • रेजिडेंशियल टावर्स
  • इन्वेस्टमेंट विला

नियम न मानने पर भारी जुर्माना

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट न लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संपत्ति मालिकों पर 10 लाख दिरहम (AED) तक का भारी प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्हें सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर करने का आदेश भी दिया जाएगा।

किन बातों की होती है जांच?

बिल्डिंग ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट आमतौर पर पांच साल के लिए वैध होता है। इसे पाने के लिए संपत्तियों को कई कड़े सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर खरा उतरना पड़ता है:

  • इमारत की संरचनात्मक स्थिरता (Structural Stability)
  • सिविल डिफेंस और फायर-सेफ्टी क्लीयरेंस
  • गैस सिस्टम की सुरक्षा
  • पानी और प्लंबिंग के मानक
  • एयर-कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सिस्टम

आवेदन प्रक्रिया म्युनिसिपल ई-परमिटिंग सिस्टम (MePS) के जरिए ऑनलाइन पूरी करनी होगी। जिन मालिकों ने अर्बन प्लानिंग एंड पर्मिट्स सेंटर (UPPC) के माध्यम से प्रक्रिया शुरू कर दी है, उन्हें तकनीकी सुधार के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।

किरायेदारों के लिए क्या हैं मायने?

यह नया नियम उन किरायेदारों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है जो पुरानी इमारतों या विला में रहते हैं। यदि कोई इमारत नियमों पर खरी नहीं उतरती है, तो संबंधित प्राधिकरण Tawtheeq सिस्टम में नए लीज कॉन्ट्रैक्ट्स के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा सकता है।

किरायेदारों को सलाह दी जाती है कि वे नया एग्रीमेंट साइन करने से पहले अपने मकान मालिक से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट या उसकी एप्लीकेशन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें, ताकि बाद में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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