Abu Dhabi Police Action: अबू धाबी में 45 लोग गिरफ्तार, घटना स्थलों का वीडियो बनाने पर होगी जेल और डिपोर्टेशन

Aanya13 March 20262 min read18 viewsExpat Issues

यूएई में रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों के लिए एक जरूरी खबर है. अबू धाबी पुलिस और यूएई प्रशासन ने घटना स्थलों का वीडियो बनाने और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 45 लोगों को गिरफ्तार किया है. इससे पहले दुबई में भी 21 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी व्यक्ति संवेदनशील जगहों का वीडियो बनाता है या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

ℹ️: अमेरिका का बड़ा दावा, ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei हुए घायल, हालत की पुख्ता जानकारी नहीं।

किन वजहों से हुई है यह गिरफ्तारी?

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अबू धाबी पुलिस ने यह कार्रवाई उन लोगों पर की है जो मिसाइल इंटरसेप्शन, गिरते हुए मलबे और ड्रोन से जुड़ी घटनाओं की वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे. इसके अलावा कई लोग ऐसे वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे थे जिससे सुरक्षा बलों की स्थिति और उनकी तैयारियों की जानकारी उजागर होती है. यूएई साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया है कि कुछ लोग एआई की मदद से फर्जी वीडियो यानी डीपफेक बनाकर आम जनता में डर फैलाने का काम कर रहे थे. इन सभी गतिविधियों को देश की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा माना गया है.

क्या है नया नियम और कितनी मिलेगी सजा?

यूएई के साइबर अपराध कानून के तहत अफवाह फैलाना और संवेदनशील जानकारी शेयर करना एक बड़ा अपराध है. यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने बताया है कि भ्रामक जानकारी फैलाने पर आर्टिकल 52 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. इस कानून को तोड़ने वालों के लिए सजा के सख्त प्रावधान तय किए गए हैं:

  • जेल की सजा: दोषियों को कम से कम एक साल और आपातकाल की स्थिति में दो साल तक की जेल हो सकती है.
  • भारी जुर्माना: कानून तोड़ने वालों पर 100,000 से लेकर 200,000 दिरहम तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
  • डिपोर्टेशन: जो लोग यूएई के नागरिक नहीं हैं उन्हें सजा काटने के बाद देश से हमेशा के लिए डिपोर्ट कर दिया जाएगा.

आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या है चेतावनी?

यह नियम भारत और अन्य देशों से नौकरी करने गए सभी प्रवासियों पर समान रूप से लागू होता है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून की जानकारी न होना कोई बहाना नहीं है. अगर आप किसी प्राइवेट WhatsApp ग्रुप में भी ऐसा कोई वीडियो शेयर या फॉरवर्ड करते हैं तो उसे भी अपराध माना जाएगा. प्रशासन ने आम लोगों को सलाह दी है कि सुरक्षा अलर्ट मिलने पर बाहर जाकर वीडियो बनाने के बजाय सुरक्षित जगहों पर रहें और केवल सरकारी एजेंसियों से आने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें.

Share:

Comments

Leave a comment