अबू धाबी में नया नियम लागू, 16 सितंबर तक ओक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं लिया तो तौफीक कॉन्ट्रैक्ट होगा ब्लॉक

अबू धाबी में रहने वाले और प्रॉपर्टी का काम करने वाले लोगों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आ रही है। अबू धाबी के डिपार्टमेंट ऑफ म्युनिसिपलिटीज एंड ट्रांसपोर्ट यानी DMT ने प्रॉपर्टी मालिकों और मैनेजर्स के लिए एक सख्त डेडलाइन तय कर दी है। इसके तहत सभी इमारतों के लिए बिल्डिंग ओक्यूपेंसी और लीगलाइजेशन सर्टिफिकेट लेना या उसे रिन्यू करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के मुताबिक आखिरी तारीख 16 सितंबर 2026 रखी गई है। अगर इस तारीख तक सर्टिफिकेट नहीं लिया गया, तो तौफीक सिस्टम में टेनेंसी कॉन्ट्रैक्ट ब्लॉक कर दिए जाएंगे, जिससे वहां रहने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
कड़े नियमों के दायरे में होंगी ये चीजें
यह नया नियम एडमिनिस्ट्रेटिव डिसीजन नंबर 1 ऑफ 2024 के तहत लागू किया गया है। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि शहर की सभी इमारतें पूरी तरह से सुरक्षित हों। इसमें बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल सेफ्टी, सिविल डिफेंस की आग से सुरक्षा के इंतजाम, गैस पाइपलाइन, प्लंबिंग और एचवीएसी मानकों की जांच की जाएगी। ये सर्टिफिकेट अधिकतम पांच साल के लिए वैध होते हैं। तय समय पर इन्हें रिन्यू न कराने पर इमारत को कानूनी रूप से रहने के लिए अनफिट मान लिया जाएगा। भारतीय प्रवासियों और अन्य नागरिकों के लिए यह नियम जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इसका सीधा असर उनके घर और दस्तावेजों पर पड़ेगा।
तौफीक सिस्टम पर लगेगा ताला और होगा भारी जुर्माना
तय डेडलाइन के तुरंत बाद अबू धाबी रियल एस्टेट सेंटर यानी ADREC उन इमारतों के नए रेजिडेंशियल टेनेंसी कॉन्ट्रैक्ट्स को तौफीक सिस्टम पर रजिस्टर करना बंद कर देगा जिनके पास वैध ओक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं होगा। इस रोक की वजह से किराएदार नए लीज एग्रीमेंट को फॉर्मलाइज नहीं कर पाएंगे। इसके कारण नए घर में शिफ्ट होने में देरी हो सकती है। साथ ही वीजा के लिए एड्रेस प्रूफ बनवाने, बच्चों के स्कूल एडमिशन और बिजली-पानी के यूटिलिटी कनेक्शन लेने में भी बड़ी रुकावट आ सकती है। जो मकान मालिक नियमों का पालन करने में विफल रहेंगे या सुधार की प्रक्रिया शुरू नहीं करेंगे, उन पर 10 लाख दिरहम (AED 1 million) तक का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही उन्हें तुरंत सुधार करने का आदेश भी मिलेगा.
राहत पाने के लिए करना होगा यह काम
इन भारी जुर्माने और परेशानियों से बचने के लिए प्रॉपर्टी मालिकों को 16 सितंबर 2026 से पहले म्युनिसिपल ई-परमिटिंग सिस्टम के जरिए एक फॉर्मल आवेदन देना होगा। यह आवेदन किसी क्लासिफाइड इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी के माध्यम से करना होगा। जो मालिक समय रहते यह प्रक्रिया शुरू कर देंगे, उन्हें अर्बन प्लानिंग एंड परमट्स सेंटर यानी UPPC की तरफ से तकनीकी दस्तावेज और निरीक्षण पूरा करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त एक्सटेंशन मिल सकता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बिल्डिंग की मजबूती, फायर सेफ्टी, गैस, पानी, प्लंबिंग और एसी सिस्टम की रिपोर्ट जमा करनी होती है।
विल्ला और एडीजीएम क्षेत्रों के लिए अलग नियम
आम रेजिडेंशियल विल्ला को फिलहाल इस प्रोग्राम के चरणों से छूट दी गई है, जब तक कि उनकी तय सर्विस लाइफ पूरी न हो चुकी हो और वे सुरक्षा के लिए खतरा न बन जाएं। इसके अलावा, अबू धाबी ग्लोबल मार्केट यानी ADGM समुदाय एक अलग अधिकार क्षेत्र में आते हैं क्योंकि DMT की यह सख्ती मुख्य रूप से मुख्य भूमि अबू धाबी की नगर पालिका इमारतों के लिए है। किराएदारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तौफीक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले अपने मकान मालिक या प्रॉपर्टी मैनेजर से बिल्डिंग के ओक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की स्थिति जरूर जांच लें। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर आधिकारिक ADREC और DMT चैनलों के माध्यम से इसकी शिकायत की जा सकती है।