हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दूरी बनाने को तीसरी पाइपलाइन पर विचार, यूएई की योजना
यूएई हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के लिए तीसरी कच्चे तेल पाइपलाइन पर विचार कर रहा है। जानें क्या है ADNOC का बयान।

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अपने कच्चे तेल के निर्यात के लिए एक तीसरी पाइपलाइन बनाने की संभावनाओं को टटोल रहा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी निर्भरता को कम करना है ताकि क्षेत्रीय समुद्री व्यवधानों के बीच तेल की शिपमेंट सुरक्षित रहे।
खबरों के मुताबिक, इस पाइपलाइन का इस्तेमाल अन्य तेल कंपनियां भी अपनी सप्लाई भेजने के लिए कर सकेंगी। हालांकि, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने इन रिपोर्टों को केवल अटकलें और गलत बताया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि तीसरी पाइपलाइन के लिए अभी तक कोई आधिकारिक निर्माण समय-सीमा, निवेश मूल्य या अंतिम रूट तय नहीं किया गया है।
फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती और अस्थायी स्तर पर है। वर्तमान में यूएई 'अबू धाबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन' (ADCOP) पर निर्भर है, जो तटवर्ती सुविधाओं से कच्चे तेल को फुजैरा बंदरगाह तक पहुंचाती है।
इसके साथ ही, परिवहन क्षमता बढ़ाने के लिए दूसरी पाइपलाइन का काम पहले से ही चल रहा है। मई 2026 तक इस दूसरी लाइन का निर्माण लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका था।
ADNOC ने कई एशियाई रिफाइनरियों को सूचित किया है कि इस दूसरी पाइपलाइन का संचालन 2027 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है। इससे फुजैरा के जरिए कच्चे तेल की परिवहन क्षमता दोगुनी हो जाएगी। ऊर्जा निर्यात को सुरक्षित करने की यह पहल क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद सहित यूएई नेतृत्व के निर्देशों के अनुरूप है।