नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ा मदद, एशियन डेवलपमेंट बैंक ने दिया 5 मिलियन डॉलर का इमरजेंसी ग्रांट.

नेपाल में हाल ही में आई भयानक बाढ़ और तबाही से जूझ रहे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। 29 अगस्त 2026 को एशियन डेवलपमेंट Bank यानी ADB ने नेपाल के लिए 5 मिलियन डॉलर के इमरजेंसी ग्रांट को मंजूरी दी है। यह आर्थिक मदद उन इलाकों के लिए है जो 26 अगस्त को हुई भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से बुरी तरह बर्बाद हो गए थे। इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था।
बाढ़ और मलबे के बहाव से भारी नुकसान
यह आपदा मुख्य रूप से भोटेकोशी और त्रिशूल नदी के आसपास के इलाकों में आई थी। पानी के तेज बहाव और मलबे ने रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर दिया। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में इस आपदा की वजह से कई लोगों की जान चली गई और बहुत से लोग घायल हो गए। इसके अलावा सैकड़ों लोग बेघर हो गए और घरों के साथ-साथ सरकारी बुनियादी ढांचे और जरूरी सेवाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा। हालात इतने गंभीर थे कि नेपाल सरकार को प्रभावित क्षेत्रों को आधिकारिक तौर पर आपदा संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित करना पड़ा।
सरकार और राहत एजेंसियों का काम
आपदा के बाद से ही नेपाल सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तरह जुटी हुई है। प्रभावित इलाकों में लगातार खोज और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इसके साथ ही अधिकारियों की टीमें नुकसान का आकलन करने में भी लगी हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस जगह पर कितनी मदद की जरूरत है। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी जरूरी सुविधाएं लोगों तक पहुंचाई जाएं और जिंदगी को पटरी पर लाया जाए।
पैसों का इस्तेमाल कहां होगा
ADB की तरफ से मिलने वाली यह फंडिंग एशिया पैसिफिक डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड के जरिए दी जा रही है। इस पैसे का इस्तेमाल पूरी तरह से राहत सामग्री खरीदने और बचाव कार्य तेज करने में किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से खोज और बचाव के लिए जरूरी उपकरण, मेडिकल सप्लाई, खाने-पीने का सामान, पीने का साफ पानी, अस्थाई आवास, साफ-सफाई की किट और लॉजिस्टिक सपोर्ट शामिल है। इसके अलावा मलबे को हटाने और रास्तों को साफ करने के काम में भी इस राशि का उपयोग किया जाएगा ताकि प्रभावित इलाकों में स्थिति को जल्द से जल्द सुधारा जा सके।