अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों ने दागे मिसाइल, गवर्नर बोले कि शहर आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा

अदन (यमन): यमन के अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार को हूती विद्रोहियों ने मिसाइल हमला किया। इस हमले के बाद अदन के गवर्नर अब्दुल रहमान शेख ने प्रभावित इलाके का दौरा किया और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अदन आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगा और न ही हमलों से टूटेगा, बल्कि वह हमेशा अडिग रहेगा।
पुलिस और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक एयरपोर्ट पर दो मिसाइलें गिरीं। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एक एएफपी पत्रकार ने हवाई अड्डे के पास दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनने की बात कही है।
सुरक्षा अधिकारियों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमला एयरपोर्ट के उस हिस्से में हुआ जहां सऊदी समर्थित सरकार से जुड़ी एक सैन्य इकाई मौजूद है। एक हफ्ते के भीतर एयरपोर्ट पर यह दूसरा हमला है।
ईरान समर्थित हूती आंदोलन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हूतियों का दावा है कि उन्होंने अदन प्रांत के बदर कैंप में सऊदी बलों के कमांड मुख्यालय और हथियारों के डिपो को निशाना बनाया। इसी दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी कई ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही रोकने की जानकारी दी।
क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इससे पहले 15 अक्टूबर 2026 को अदन के अल-माशिक़ प्रेसिडेंशियल पैलेस पर एक घातक हमला हुआ था, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और सोलह लोग घायल हुए थे। प्रधानमंत्री शया ज़िंदानी ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी 15 अक्टूबर को एक बयान जारी कर सऊदी अरब के खिलाफ हूतियों के हमलों और लाल सागर व बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में समुद्री खतरों की निंदा की है। अमेरिका ने ईरान पर क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जबकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा कि हूती समूह स्वतंत्र रूप से काम करता है।
दूसरी तरफ यमन की सरकारी सेना ने मारिब में बड़ी सैन्य कामयाबी का दावा किया है। सेना के मुताबिक 16 अक्टूबर से पहले के 24 घंटों के भीतर उन्होंने 430 हूती लड़ाकों को ढेर कर दिया है।