यमन के अदन स्थित प्रेसिडेंशियल पैलेस पर हूती विद्रोहियों ने किए मिसाइल हमले जिसमें दो सुरक्षा गार्ड मारे गए

अदन: यमन के अदन शहर में स्थित माशिक प्रेसिडेंशियल पैलेस परिसर पर गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को कई धमाके हुए। हूती विद्रोहियों ने महल परिसर की ओर कई मिसाइलें दागीं, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीदों ने कम से कम छह अलग-अलग धमाकों की आवाज सुनी और आसमान में धुएं के गुबार देखे गए।
रॉयटर्स को जानकारी देने वाले दो सरकारी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह हमला हूती आंदोलन द्वारा किया गया था। हमले के समय वहां मौजूद प्रधानमंत्री शया अल-ज़िंदानी और अन्य मंत्री सुरक्षित हैं, लेकिन इस हमले में दो सुरक्षा गार्डों की मौत हो गई।
हूती समर्थित मीडिया ने दावा किया है कि उन्होंने महल परिसर के भीतर एक ऑपरेशंस रूम और हथियारों के गोदाम को निशाना बनाया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री शया अल-ज़िंदानी ने हाल ही में नागरिकों के खिलाफ हूतियों की कार्रवाई और ताइज़ की घेराबंदी को 'युद्ध अपराध' बताया था। उन्होंने जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की बात कही है।
विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने चेतावनी दी कि अगर हूतियों पर लगाम नहीं लगाई गई तो वे 'अपराजित' हो जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि सरकार सख्त शर्तों के बिना किसी युद्धविराम या बातचीत का रास्ता नहीं अपनाएगी।
यमन सरकार ने अब हूती आंदोलन को औपचारिक रूप से एक आतंकवादी संगठन घोषित करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए एक नया मसौदा कानून तैयार किया गया है, जिसका मकसद हूतियों की गतिविधियों और उनके वित्तीय नेटवर्क को अपराध की श्रेणी में लाना है।
हिंसा के जवाब में राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने यमन सेना को ईरान समर्थित इस मिलिशिया से इलाके वापस लेने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करने का आदेश दिया है।
दूसरी ओर, सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि हूती लगातार सऊदी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल सुविधाओं को निशाना बना रहे हैं। गठबंधन के मुताबिक, अकेले इस महीने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 20 हमले हुए हैं, जिनमें 17 लोगों की जान गई और 333 घायल हुए हैं।