अदन में हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले के बाद सुरक्षा कारणों से सिराह किला और माशिक तट को आम जनता के लिए बंद किया गया

अदन: यमन के बंदरगाह शहर अदन में हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल हमलों के बाद प्रशासन ने सिराह किला और माशिक तट को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया है। अधिकारियों ने आदेश दिया है कि अगली सूचना तक आम जनता इन जगहों पर नहीं जा सकेगी। यह फैसला गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को हुए गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के बाद लिया गया है।
हूती विद्रोहियों ने इस इलाके को निशाना बनाते हुए मिसाइलों की एक सीरीज दागी थी। माशिक राष्ट्रपति महल के पास कम से कम छह धमाके दर्ज किए गए, जो यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का मुख्यालय है। इस हमले से स्थानीय निवासियों में काफी डर फैल गया।
यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने पुष्टि की कि हूती बलों ने कॉम्प्लेक्स पर पांच मिसाइलें दागीं। उन्होंने बताया कि महल में मौजूद प्रधानमंत्री और कैबिनेट सदस्य सुरक्षित हैं। हालांकि, सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक इस हमले में दो से पांच गार्ड मारे गए और छह अन्य घायल हुए हैं।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह सैन्य संचालन मुख्यालय और हथियारों के डिपो को निशाना बनाकर किया गया ऑपरेशन था। एक सुरक्षा अधिकारी ने विस्तार से बताया कि माशिक महल के पास की पहाड़ी पर कम से कम दो धमाके हुए और दो अन्य धमाके सुरक्षा गेट के पास हुए।
सिराह द्वीप पर स्थित सिराह किला एक ऐतिहासिक किला है, जिसका इस्तेमाल यमन की सेना द्वारा एक प्रमुख सैन्य स्थल के रूप में किया जाता है। सरकारी प्रशासनिक केंद्र के पास हुए इस दुर्लभ और बड़े हमले के बाद किले और आसपास के तटीय इलाके में हाई अलर्ट जारी किया गया है।