UAE और जर्मनी के बीच हुआ बड़ा समझौता, गैस और एलएनजी सप्लाई को लेकर हुआ नया करार.

यूएई की प्रमुख कंपनियों ने जर्मनी और पूरे यूरोप में ऊर्जा की सप्लाई को मजबूत करने के लिए एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक गैस और एलएनजी की सप्लाई चेन को बेहतर बनाना है। यह ऐतिहासिक समझौता म्यूनिख शहर में 11 सितंबर 2026 को हुआ जब राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान जर्मनी की आधिकारिक यात्रा पर गए थे। इस दौरान यूएई की कंपनियों और जर्मनी की ऊर्जा कंपनी के बीच यह एमओयू फाइनल किया गया।
समझौते की मुख्य बातें और निवेश
इस नई पार्टनरशिप के तहत यूएई की तरफ से मिलने वाली गैस और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई नोड्स का पूरा फायदा उठाया जाएगा। ADNOC के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ तथा XRG के कार्यकारी चेयरमैन डॉ. सुल्तान अहमद अल जाबेर ने जानकारी दी कि दोनों देश पहले ही जर्मनी में 19 अरब यूरो का निवेश कर चुके हैं। इसके अलावा यूएई सरकार ने आने वाले समय में जर्मनी के अंदर 40 अरब यूरो का अतिरिक्त निवेश करने की दीर्घकालिक योजना बनाई है। वहीं SEFE के सीईओ डॉ. एगबर्ट लाएगा ने कहा कि इस सहयोग से वैश्विक सप्लाई क्षमताओं को बाजार की जरूरतों और मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ा जाएगा।
सहयोग के चार प्रमुख क्षेत्र
यह समझौता मुख्य रूप से चार बड़े क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देगा। इसमें एलएनजी और गैस की संयुक्त क्षमताओं के जरिए सप्लाई की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा बाजार का विकास करना और लंबे समय तक लगातार ग्रोथ हासिल करना भी इस योजना का हिस्सा है। बुनियादी ढांचे में भारी निवेश के जरिए सप्लाई चेन को मजबूत रखा जाएगा और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट तथा शिपिंग लॉजिस्टिक्स को पूरी तरह से ऑप्टिमाइज़ किया जाएगा।
पुराने रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
यह नया करार जर्मनी को गैस सप्लाई करने के पुराने इतिहास को और आगे बढ़ाता है। इससे पहले साल 2023 की शुरुआत में यूएई ने मिडिल ईस्ट से पहली एलएनजी की खेप जर्मनी को भेजी थी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच पहले से ही कई दीर्घकालिक एलएनजी समझौते और गैस पाइपलाइन सप्लाई का काम चल रहा है। XRG कंपनी के लिए इस सौदे से जर्मनी के अंदर उसका दायरा और अधिक बढ़ गया है, जिससे पहले से चल रहे अन्य निवेशों को भी बड़ा संबल मिलेगा।