Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में सुबह-सुबह डोली धरती, 4.1 तीव्रता के भूकंप से सहमे लोग.

Nura Basta7 September 20262 min read20 viewsWorld
Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में सुबह-सुबह डोली धरती, 4.1 तीव्रता के भूकंप से सहमे लोग.

अफ़ग़ानिस्तान में आज सुबह-सुबह धरती एक बार फिर अचानक से डोल उठी, जिससे आम लोगों के मन में डर का माहौल बन गया। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई है। यह झटके भारतीय समयानुसार सुबह ठीक 5 बजकर 36 मिनट 22 सेकंड पर महसूस किए गए, जब ज्यादातर लोग अपने घरों में ही थे। गनीमत यह रही कि इस अचानक आए भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासन और आम जनता ने राहत की सांस ली है।

भूकंप का केंद्र और गहराई

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र 36.114 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.820 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। जमीन के भीतर इस हलचल की गहराई करीब 130 किलोमीटर नीचे मापी गई। गहराई ज्यादा होने की वजह से झटके तो महसूस हुए, लेकिन नुकसान का दायरा बहुत ज्यादा बड़ा नहीं रहा। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी कोने से मिलने वाली खबर पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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पहले भी आ चुके हैं झटके

अफगानिस्तान के स्थानीय अखबार हश्त-ए-सुब्ह डेली ने यूएस जियोलॉजिकल सर्वे यानी यूएसजीएस के हवाले से एक रिपोर्ट साझा की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी 1 सितंबर की रात को ताखर प्रांत के फरखार जिले में भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर उस भूकंप की तीव्रता 4.4 दर्ज की गई थी। वह झटका 1 सितंबर की रात 11:51 बजे जमीन की सतह से 212.6 किलोमीटर की गहराई पर आया था। इसके ठीक अगले दिन यानी 2 सितंबर को तड़के राजधानी काबुल समेत देश के कई अन्य हिस्सों में भी धरती हिलने के हल्के झटके महसूस किए गए थे, जिससे लोग काफी ज्यादा घबरा गए थे।

भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है इलाका

विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान अपनी खास भौगोलिक स्थिति के कारण भूकंप के मामले में बहुत ज्यादा संवेदनशील और खतरनाक जोन में आता है। यहाँ अक्सर धरती के अंदर प्लेटों के खिसकने से बड़े झटके लगते रहते हैं। आपको याद दिला दें कि पिछले साल 31 अगस्त और 1 सितंबर की दरमियानी रात को पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत यानी जलालाबाद के पास और कुनार में 6.0 की भारी तीव्रता वाला भूकंप आया था। उस भयंकर आपदा ने पूरे इलाके को तहस-नहस कर दिया था और भारी तबाही मचाई थी। उस दर्दनाक हादसे में 2,200 से ज्यादा बेकसूर लोगों की जान चली गई थी और 3,600 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस एक झटके के असर से करीब 6,700 से ज्यादा घर या तो पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गए थे या फिर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद से यहाँ के लोग हर छोटे-मोटे झटके से सहम जाते हैं।

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