अफगानिस्तान ने ICC के गिरफ्तारी वारंट को ठुकराया, तालिबान ने कोर्ट को मानने से किया इनकार

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) द्वारा अपने चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट को सिरे से खारिज कर दिया है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके नेता न तो इस अदालत को मान्यता देते हैं और न ही इसके किसी भी फैसले को स्वीकार करते हैं।
मुजाहिद के मुताबिक, अफगानिस्तान का प्रशासन केवल इस्लामिक शरिया कानून और अपनी स्थानीय अदालतों के फैसलों से बंधा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि खुफिया एजेंसियों या तथाकथित अंतरराष्ट्रीय अदालतों के आदेशों का उनके देश में कोई महत्व नहीं है। प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि इस्लामिक अमीरात के नेताओं ने ऐसा कोई काम नहीं किया है, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके या सजा दी जा सके।
किन अधिकारियों के खिलाफ जारी हुए वारंट?
आईसीसी ने हाल ही में अफगानिस्तान के शिक्षा मंत्री हबीबुल्लाह आगा और उच्च शिक्षा मंत्री नेदा मोहम्मद नदीम के लिए जारी गिरफ्तारी वारंट को सार्वजनिक किया है। बताया गया कि ये वारंट 9 सितंबर 2025 को ही जारी कर दिए गए थे, लेकिन इन्हें अब तक गुप्त रखा गया था।
इन दोनों मंत्रियों के अलावा, देश के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा और उच्चतम न्यायालय के प्रमुख अब्दुल हकीम हक्कानी के खिलाफ भी पहले ही वारंट जारी किए जा चुके हैं। इन सभी अधिकारियों पर महिलाओं और लड़कियों के साथ लिंग-आधारित उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।