Air India Express: दुबई से अमृतसर आ रही फ्लाइट के 8 क्रू मेंबर 3 महीने के लिए सस्पेंड.

दुबई से भारत के बीच सफर करने वाले यात्रियों और एयरलाइन इंडस्ट्री से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान के दौरान नियमों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की गई है। 18 सितंबर 2026 को यह साफ किया गया कि दुबई से अमृतसर आ रही एक फ्लाइट के आठ क्रू मेंबर को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस पूरी घटना के बाद से विमानन सेक्टर में सुरक्षा नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई कार्रवाई
यह मामला 2 अगस्त 2026 का है जब एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान दुबई से अपनी यात्रा पूरी करके अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा था। यह फ्लाइट सुबह लगभग 9:50 बजे एयरपोर्ट पर पहुंची थी। विमान के लैंड होने के बाद नियमों के मुताबिक क्रू सदस्यों का ब्रेथलाइज़र टेस्ट होना अनिवार्य होता है। भारत में नियम यह है कि किसी भी भारतीय एयरलाइन के क्रू को देश के पहले लैंडिंग पोर्ट पर ही पोस्ट-फ्लाइट ब्रेथलाइज़र टेस्ट से गुजरना होता है।
लेकिन इस बार तय समय सीमा का पालन नहीं किया जा सका। रिपोर्ट के मुताबिक, यह टेस्ट विमान के उतरने के लगभग 2 घंटे और 35 मिनट बाद किया गया। जबकि नियम के अनुसार यह जांच दो घंटे के भीतर हो जानी चाहिए थी। इस तरह तय समय सीमा से 35 मिनट की देरी हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान सभी आठों क्रू सदस्यों की रिपोर्ट नेगेटिव आई और किसी ने भी शराब नहीं पी थी। इसके बावजूद तय समय पर जांच न होना नियमों का उल्लंघन माना गया।
क्यों हुई देरी और क्या कहती है डीजीसीए की गाइडलाइन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह देरी इसलिए हुई क्योंकि फ्लाइट में मौजूद एक क्रू मेंबर की तबीयत ठीक नहीं थी। इस वजह से पूरा क्रू पहले अपने तय होटल चला गया और उसके बाद वापस एयरपोर्ट पर टेस्ट के लिए पहुंचा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA के नए सुरक्षा नियमों के तहत, जो कि फरवरी 2026 में जारी किए गए थे, टेस्ट में देरी या उसे छोड़ देना एक अलग तरह का नियम उल्लंघन माना जाता है। भले ही बाद में टेस्ट का परिणाम नेगेटिव क्यों न आया हो।
एयरलाइन ने इस घटना की पूरी जानकारी तुरंत डीजीसीए को दी और नियमों का हवाला देते हुए सभी आठों सदस्यों को ड्यूटी से हटा दिया। इस दल में चार पायलट शामिल थे जिनमें दो पायलट-इन-कमांड और दो को-पायलट थे, साथ ही चार केबिन क्रू मेंबर भी शामिल थे। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई और उड़ान के दौरान किसी तरह की आपातकालीन स्थिति नहीं बनी थी।
यात्रियों की यात्रा पर क्या पड़ा असर
दुबई और अमृतसर के बीच चलने वाला यह रूट पूरी तरह से सामान्य रूप से चालू है। इस अनुशासनात्मक कार्रवाई की वजह से एयरलाइन के फ्लाइट शेड्यूल या फिर टिकट बुकिंग सिस्टम पर कोई भी असर नहीं पड़ा है। यूएई और पंजाब के बीच यात्रा करने वाले आम मुसाफिरों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा की तरह एयरलाइन के माध्यम से अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर सकते हैं। इस घटना के बाद यात्रियों के लिए वीज़ा या यात्रा से जुड़े दस्तावेजों के नियमों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।