एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मिडिल ईस्ट उड़ानों पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज

अगर आप आने वाले समय में मिडिल ईस्ट की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने यात्रियों के लिए फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह नया बदलाव 9 अक्टूबर, 2026 से सभी नई बुकिंग्स के लिए लागू कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत, पश्चिम एशिया और मिडिल ईस्ट की ओर जाने वाली वन-वे फ्लाइट्स पर अब 55 डॉलर का सरचार्ज लगाया जाएगा, जो भारतीय रुपयों में लगभग 200 दिरहम से अधिक बैठता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस बदलाव को 9 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार रात 12 बजे से लागू किया, जबकि एयर इंडिया ने उसी दिन सुबह 11 बजे से इसे प्रभावी बनाया।
ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव का असर
एयर इंडिया ने इस फैसले के पीछे विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी अस्थिरता को मुख्य कारण बताया है। कंपनी के अनुसार, ईंधन की कीमतों में महीने-दर-महीने 14% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और ये कीमतें पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष जैसे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव ने भी एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ा दी है।
सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं, अन्य अंतरराष्ट्रीय रूट पर भी सरचार्ज तय किए गए हैं। यूरोप और यूके के लिए यह शुल्क 135 डॉलर, ऑस्ट्रेलिया के लिए 210 डॉलर और उत्तर अमेरिका के लिए 215 डॉलर रखा गया है। वहीं, घरेलू उड़ानों के लिए दूरी के हिसाब से 400 रुपये से 1,200 रुपये तक का सरचार्ज लागू किया गया है।
गौरतलब है कि एयर इंडिया अकेली कंपनी नहीं है जिसने यह कदम उठाया है। इससे पहले 6 अक्टूबर को इंडिगो ने भी मिडिल ईस्ट रूट पर 55 डॉलर का फ्यूल सरचार्ज दोबारा शुरू किया था, जबकि अकासा एयर ने भी 9 अक्टूबर से अपने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सरचार्ज में बदलाव किए हैं। एयरलाइंस का कहना है कि वे समय-समय पर इन शुल्कों की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर बदलाव करेंगे।