यमन के अल-मिसराक इलाके में हूती ठिकानों पर हुए हवाई हमले और कई लड़ाके मारे गए
यमन के ताइज प्रांत में हूती ठिकानों पर हवाई हमले हुए और बड़ी संख्या में लड़ाके मारे गए। सऊदी अरब पर भी ड्रोन हमले का दावा किया गया है।

ताइज (यमन): यमन के ताइज प्रांत के अल-मिसराक हाइलैंड्स में हूती मिलिशिया के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों में वायुसेना ने धी अल-बराह और सनामत इलाकों में स्थित मिलिशिया साइटों को निशाना बनाया।
हवाई हमलों के साथ ही यमन की सरकारी सेना और जन प्रतिरोध इकाइयों ने मिलकर हूती हमलों को नाकाम कर दिया। हूती लड़ाकों ने अल-मिसराक जिले के कहलान और हम्मा गांवों पर हमला करने की कोशिश की थी, जिसे सेना ने सफलतापूर्वक रोक दिया।
यमन सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नेज़िली ने बताया कि पिछले कुछ घंटों के सैन्य अभियानों में हूती ठिकानों पर 1,382 बार निशाना साधा गया। उन्होंने जानकारी दी कि इन कार्रवाइयों में लगभग 440 हूती लड़ाके और उनके नेता मारे गए हैं।
प्रवक्ता के मुताबिक, इस सैन्य अभियान के दौरान 146 सैन्य वाहन और उपकरण नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं। ताइज के अल-शुकाब सहित कई मोर्चों पर अभी भी सैन्य ऑपरेशन जारी हैं।
दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारेआ ने 27 अक्टूबर को सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली। इनमें रियाद में रक्षा मंत्रालय, किंग खालिद एयर बेस, नजरान एयरपोर्ट और रस तनूरा रिफाइनरी शामिल थे। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने ताइफ की ओर आने वाले प्रोजेक्टाइल सहित कई मिसाइलों को बीच में ही रोकने की पुष्टि की है।
लड़ाई के कारण मानवीय स्थिति बेहद खराब हो गई है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय ने 22 अक्टूबर को बताया कि जुलाई से अब तक 2,81,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं।
अगस्त से अब तक 262 नागरिक मारे गए या घायल हुए हैं, जिनमें आधे से ज्यादा बच्चे हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने सभी पक्षों से नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की अपील की है। वहीं, यमन के मानवाधिकार मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि घेराबंदी वाले ताइज शहर में अस्पताल सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं।