Al Jazeera ने गजा में मीडिया पर रोक के लिए नया शब्द 'Echocide' किया पेश, हालात गंभीर.

Nura Basta20 September 20262 min read0 viewsWorld
Al Jazeera ने गजा में मीडिया पर रोक के लिए नया शब्द 'Echocide' किया पेश, हालात गंभीर.

अल जज़ीरा इंग्लिश ने हाल ही में 20 सितंबर 2026 को एक नया शब्द 'एक्साइड' (echocide) पेश किया है। इस शब्द का इस्तेमाल गजा में सूचना तंत्र को कमजोर करने और पत्रकारों की आवाज को दबाने की प्रक्रिया को समझाने के लिए किया जा रहा है। अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक क्षेत्र में पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिसके कारण कई स्थानीय मीडियाकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। इस गंभीर स्थिति ने पूरी दुनिया का ध्यान इस क्षेत्र में काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की ओर खींचा है।

पत्रकारों पर हमलों के आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय चिंता

फिलीस्तीनी मीडिया वर्कर्स और संगठनों से मिले आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से लेकर जून 2026 के बीच पत्रकारों के खिलाफ कुल 4,127 उल्लंघन दर्ज किए गए हैं। अकेले साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही 467 घटनाएं सामने आई हैं। अक्टूबर 2023 से अब तक कम से कम 264 फिलीस्तीनी पत्रकार मारे जा चुके हैं, जिनमें से 261 मौतें अकेले गजा पट्टी में हुई हैं। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ) का अनुमान है कि इनमें से कम से कम 32 पत्रकारों को उनके पेशेवर काम के लिए जानबूझकर निशाना बनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून के संभावित उल्लंघन के तहत सीधे तौर पर निशाना बनाए जाने के सबूत मिलने की बात कही है।

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हिरासत और स्वतंत्र मीडिया पर पाबंदी

मध्य सितंबर 2026 तक लगभग 38 से 39 फिलीस्तीनी पत्रकार इजरायली हिरासत में बंद हैं, जिन्हें अक्सर प्रशासनिक आदेशों के तहत रखा जाता है। इन शारीरिक खतरों के अलावा, गजा में अंतरराष्ट्रीय मीडिया के प्रवेश पर लंबे समय से प्रतिबंध लगा हुआ है। इस वजह से स्थानीय रिपोर्टरों को ही सारी कवरेज का बोझ उठाना पड़ता है, जिन्हें कई बार हमास के दबाव में आत्म-सेंसरशिप का सामना भी करना पड़ता है। इस बारे में फोटो जर्नलिस्ट मोताज़ अजिजा ने भी जानकारी साझा की है। इसके अलावा, गजा में अल जज़ीरा के 24 कर्मचारियों के अनुबंध हाल ही में समाप्त कर दिए गए हैं, हालांकि गल्फ सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि इन लोगों को फ्रीलांस पदों पर काम करने का विकल्प दिया गया था।

डॉक्यूमेंट्री विवाद और अंतरराष्ट्रीय अपील

मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर तनाव इजरायल के भीतर भी बढ़ गया है। 14 से 16 सितंबर 2026 के बीच इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गिवर ने डॉक्यूमेंट्री 'NAZA' के निर्देशक युवल अब्राहम और राहेल स्ज़ोर की नागरिकता छीनने की धमकी दी और फिल्म को भड़काऊ बताया। इस बीच, सीपीजे और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता संगठनों ने 18 सितंबर 2026 को एक संयुक्त बयान जारी किया। इस अपील में पत्रकारों और फिल्म निर्माताओं को बिना किसी डर के रिपोर्टिंग करने की पूरी सुरक्षा देने की मांग की गई है। इस पूरी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी के लिए ReliefWeb रिपोर्ट पर जा सकते हैं।

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