अल जजीरा के नए प्रोग्राम पिंच पॉइंट में इजरायल की क्षेत्रीय रणनीति और मिडिल ईस्ट के बदलते समीकरणों पर चर्चा की गई

दोहा: अल जजीरा इंग्लिश ने अपने खोजी कार्यक्रम 'पिंच पॉइंट' के नए सीजन का पहला एपिसोड जारी किया है। मोहम्मद हसन द्वारा होस्ट किए गए इस एपिसोड में 7 अक्टूबर की घटनाओं के बाद मिडिल ईस्ट के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य का विश्लेषण किया गया है।
इस प्रोग्राम में यह तर्क दिया गया है कि इजरायली नेतृत्व ने पारंपरिक राजनयिक रास्तों को छोड़कर क्षेत्रीय विस्तार और स्थायी युद्ध की रणनीति अपनाई है। कार्यक्रम में इस बात की जांच की गई है कि इजरायली नेता फिलिस्तीन को मिटाने के लक्ष्य के साथ मिडिल ईस्ट के नक्शे को फिर से खींचना चाहते थे।
एपिसोड के मुताबिक, इन विस्तारवादी नीतियों की वजह से ईरान, सऊदी अरब और तुर्की जैसे क्षेत्रीय देश अब नए राजनीतिक और आर्थिक गठबंधन बना रहे हैं। ये ऐसे गठबंधन हैं जिन्हें पहले नामुमकिन या असंभव माना जाता था।
डॉक्यूमेंट्री में सवाल उठाया गया है कि क्या इजरायल ने खुद को एक जाल में फंसा लिया है या वह रणनीतिक रूप से ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां से वापसी संभव नहीं है।
यह विश्लेषण ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। इसी बीच हूती हमलों के कारण सऊदी अरब में 2026 के 'दावोस इन द डेजर्ट' को रद्द कर दिया गया है। साथ ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी अधिकारी हेगसेथ के बीच एक बिना घोषित बैठक भी हुई है।
'पिंच पॉइंट' का यह पूरा एपिसोड अब अल जजीरा के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।