अल-खोबर में सुरक्षा बलों की बड़ी छापेमारी, निवास कानून उल्लंघन में 84 हिरासत में

Gautam Sahu8 October 20262 min read6 viewsSaudi
अल-खोबर में सुरक्षा बलों की बड़ी छापेमारी, निवास कानून उल्लंघन में 84 हिरासत में

सऊदी अरब के अल-खोबर शहर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए रात के अंधेरे में कई इलाकों में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान निवास (Residency) और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 84 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह पूरा ऑपरेशन शहर के अलग-अलग मोहल्लों में चलाया गया, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच हड़कंप मच गया।

जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी रात करीब 8:30 बजे शुरू हुई और लगभग चार घंटे तक चली। सुरक्षा बलों ने अल-थुक्बाह, अल-अकरबिया और अल-खोबर अल-शमालिया जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि स्पेशल टास्क एंड ड्यूटीज फोर्स, म्युनिसिपल अथॉरिटी (बल्दिया), लेबर ऑफिस और 'कमेटी फॉर द प्रमोशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस' के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

चेकपोस्ट लगाकर की गई सघन जांच

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षा बलों ने मोहल्लों के प्रवेश और निकास द्वारों पर चेकपोस्ट लगाए थे, ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति इलाके से बाहर न जा सके। इस कार्रवाई के दौरान न केवल 84 लोगों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ 17 चालान भी काटे गए। साथ ही, सड़कों पर अवैध रूप से लगाए गए 8 स्टालों (बसातात) को भी हटा दिया गया।

पकड़े गए लोगों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है। बताया जा रहा है कि इन हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को अब जवाजत (Jawazat) और लेबर ऑफिस के माध्यम से डिपोर्ट (देश निकाला) किया जा सकता है। गौरतलब है कि अल-थुक्बाह और अल-अकरबिया जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और फिलिपीनो प्रवासी रहते हैं।

सऊदी अरब का आंतरिक मंत्रालय इस मामले में बेहद सख्त है। नियमों के मुताबिक, जो कोई भी अवैध प्रवासियों को शरण देता है, उन्हें ट्रांसपोर्ट करता है या काम पर रखता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें 15 साल तक की जेल और 10 लाख रियाल तक का जुर्माना शामिल है, साथ ही अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहनों या संपत्ति को जब्त भी किया जा सकता है।

Share:

Comments

Leave a comment