अल-माफ़र में हूती जमावड़े पर युद्धक विमानों का हमला

अल-नशमा (अल-माफ़र जिला): सऊदी अरब के अल-माफ़र जिले में युद्धक विमानों ने हूती समूह के एक जमावड़े को निशाना बनाया। हमला अल-नशमा में एक बंद हॉल के भीतर हुआ, जहां बताया गया कि हूती लोग इकट्ठा थे। यह घटना 12 अक्टूबर 2026 की है और इसकी जानकारी सऊदी समाचार माध्यम ने दी है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सीमा पार हमलों की एक कड़ी ने पूरे इलाके की सुरक्षा स्थिति को बिगाड़ दिया है। 10 अक्टूबर से हालात लगातार खराब होते गए हैं, और इसकी सबसे बड़ी वजह रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमला माना जा रहा है।
इस मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। हमले के बाद एयरपोर्ट बंद करना पड़ा और 600 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गईं। अगले दिन, 11 अक्टूबर को, उसी एयरपोर्ट पर एक और हमला हुआ, जिसमें एक और व्यक्ति की जान गई और लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए।
हूती चेतावनी और सुरक्षा पर असर
इन हमलों के जवाब में हूती समूह ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र और एयरपोर्ट को सक्रिय युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है। मक्का और मदीना के एयरपोर्ट इस घोषणा से बाहर रखे गए हैं। समूह ने यात्रियों और एयरलाइनों से इन इलाकों से दूर रहने को कहा है।
हालात का असर आम ज़िंदगी पर भी दिख रहा है। रियाद में स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई पर भेज दिया गया है। अमेरिकी दूतावास ने भी अपने स्टाफ़ के लिए प्रमुख सऊदी एयरपोर्ट पर यात्रा पाबंदियां लागू कर दी हैं।
इसी बीच कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं। सऊदी विदेश मंत्री ने ईरानी विदेश मंत्री से बातचीत की, जिसमें तनाव कम करने के रास्तों पर चर्चा हुई। तेहरान ने सऊदी सरकार और हूती बलों के बीच बातचीत करवाने में मदद की पेशकश की है।
अल-नशमा का यह ताज़ा हमला यमन में चल रहे हवाई अभियानों की उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में सना, सादा और ताइज़ में भी हमले हुए थे। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बातचीत की कोशिशें हालात को शांत कर पाती हैं या संघर्ष और बढ़ता है।