UAE के साथ अल्जीरिया ने तोड़े कूटनीतिक रिश्ते, सभी विमानों की एंट्री पर लगाई रोक.

Sushma Kumari10 September 20263 min read33 viewsUAE
UAE के साथ अल्जीरिया ने तोड़े कूटनीतिक रिश्ते, सभी विमानों की एंट्री पर लगाई रोक.

अल्जीरिया ने गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात के साथ अपने सभी कूटनीतिक रिश्ते आधिकारिक तौर पर तोड़ने का बड़ा ऐलान किया। अल्जीरियाई सरकार ने अबू धाबी पर देश के आंतरिक मामलों में लगातार दखल देने और कई भड़काऊ या शत्रुतापूर्ण कदम उठाने का गंभीर आरोप लगाया। इस बड़े फैसले के बाद अब दोनों देशों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और आम लोगों के साथ-साथ वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इस तनाव का सीधा असर हवाई यात्रा पर भी देखने को मिला है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अल्जीरियाई एयरस्पेस में यूएई के विमानों पर प्रतिबंध

इस कूटनीतिक तनातनी के बीच अल्जीरियाई अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि यूएई में रजिस्टर्ड सभी नागरिक और सैन्य विमानों के अल्जीरियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह नया नियम शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। अल्जीरिया के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को बचाने के लिए सभी जरूरी कोशिशें कर ली थीं, लेकिन बार-बार चेतावनी देने के बाद भी यूएई अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। इसके बाद अल्जीरिया ने मजबूरन यह सख्त कदम उठाया और यूएई के राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब करके सिर्फ 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया।

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पहले से चल रहा था विवाद और हवाई सेवा समझौता रद्द करने की प्रक्रिया

यह पूरा मामला अचानक सामने नहीं आया है, बल्कि दोनों देशों के बीच अनबन काफी समय से चल रही थी। इससे पहले फरवरी 2026 में भी अल्जीरिया ने यूएई के साथ अपने द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। उस दौरान अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन यानी आईसीएओ और कूटनीतिक चैनलों के जरिए औपचारिक नोटिस भेजा गया था, जो 2013 के समझौते के अनुच्छेद 22 के तहत था। अल्जीरिया का यह भी आरोप है कि यूएई माली, लीबिया और सूडान जैसे देशों में अस्थिरता फैलाने का काम कर रहा है। इसके अलावा अबू धाबी पर कबीले की स्वतंत्रता के लिए मूवमेंट यानी एमएके संगठन को समर्थन देने का भी आरोप है, जिसे अल्जीरिया ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है.

क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेद और बीआरिक्स विवाद

दोनों देशों के बीच पश्चिमी सहारा विवाद और यूएई द्वारा इसराइल के साथ संबंध सामान्य करने जैसे क्षेत्रीय मुद्दों पर भी लंबे समय से मतभेद रहे हैं। अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौन ने पहले भी यूएई की क्षेत्रीय नीतियों की तीखी आलोचना की थी। उनका यह भी दावा था कि बीआरिक्स संगठन में अल्जीरिया की एंट्री रोकने के पीछे भी यूएई का ही हाथ था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और रिश्ते तोड़ने के ऐलान के बाद यूएई सरकार की तरफ से फिलहाल कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गल्फ देशों के बीच इस तरह की खटास से वहां यात्रा करने वाले और नौकरी करने वाले आम लोगों के मन में भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि क्षेत्रीय राजनीति का असर अक्सर उड़ानों और वीजा जैसी सेवाओं पर देखने को मिलता है।

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