अमेरिका ने ईरानी राष्ट्रपति की मीडिया टीम को दिया झटका, वीज़ा देने से किया इनकार

Nura Basta21 September 20262 min read4 viewsWorld
अमेरिका ने ईरानी राष्ट्रपति की मीडिया टीम को दिया झटका, वीज़ा देने से किया इनकार

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 81वीं बैठक में शामिल होने जा रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की मीडिया टीम को संयुक्त राज्य अमेरिका ने वीज़ा देने से साफ इनकार कर दिया है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब राष्ट्रपति पेज़ेशकियान न्यूयॉर्क के लिए रवाना होने वाले हैं. अमेरिका के इस कदम को ईरान ने "शत्रुतापूर्ण कार्रवाई" बताया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है.

अमेरिका सरकार ने 22 सितंबर से 29 सितंबर, 2026 तक होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए ईरानी राष्ट्रपति की मीडिया टीम के सदस्यों को वीज़ा नहीं दिया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार, 18 सितंबर, 2026 को इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए, उन्होंने ईरान के "प्रमुख प्रतिनिधिमंडल" और आवश्यक कर्मचारियों को वीज़ा जारी किए हैं, लेकिन प्रतिनिधिमंडल का आकार सीमित कर दिया गया है.

अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस साल ईरानी प्रतिनिधिमंडल पिछले सालों की तुलना में छोटा होगा. इसके अलावा, इस दल पर यात्रा संबंधी सामान्य प्रतिबंध और लक्ज़री सामानों तथा अन्य विशेष वस्तुओं की खरीद पर रोक भी लागू होगी. ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के जनसंपर्क महानिदेशक, हबीब अब्बासी ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति पेज़ेशकियान मंगलवार, 22 सितंबर, 2026 को कम सदस्यों वाली टीम के साथ ही न्यूयॉर्क की यात्रा करेंगे. अब्बासी ने संचार कर्मचारियों को वीज़ा न देने के अमेरिकी फैसले को "शत्रुतापूर्ण कार्य" करार दिया है.

ईरानी सरकारी मीडिया, जिसमें आईआरएनए (IRNA) और मेहर न्यूज़ (Mehr News) शामिल हैं, ने 20 और 21 सितंबर, 2026 को वीज़ा इनकार की खबरों को बड़े पैमाने पर प्रकाशित किया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासनिक फैसलों के संबंध में भी इन खबरों का हवाला दिया है. हालांकि, कर्मचारियों की संख्या में कटौती के बावजूद, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघची को वीज़ा मिल गया है और वह आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में राष्ट्रपति पेज़ेशकियान के साथ शामिल होंगे. इस घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान और अमेरिका के संबंधों में और कड़वाहट आने की संभावना है.

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