अमेरिका ने 9/11 की बरसी से पहले अल-कायदा से जुड़े लोगों पर से हटाया प्रतिबंध, मचा बड़ा विवाद.

अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी की तैयारियों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक कथित फैसले को लेकर दुनिया भर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अल-कायदा से जुड़े कई खतरनाक लोगों को अपनी नामित आतंकवादियों की सूची से बाहर कर दिया है, जिसके बाद सुरक्षा विशेषज्ञ इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह बड़ा कदम क्यों उठाया गया है।
सूची से हटाए गए खतरनाक लोग
ईरान सरकार के अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क प्रेस टीवी ने ‘ग्रे ज़ोन’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है कि जिन लोगों को इस सूची से हटाया गया है उनमें सीरिया में अल-कायदा की शाखा से जुड़े कई बड़े कमांडर, रिक्रूटर और फाइनेंसर शामिल हैं। इन सभी नामों में सऊदी धर्मगुरु अब्दुल्ला मुहयसिनी का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुहयसिनी ने पहले सीरिया में लड़ाकों की भर्ती करने और कट्टरपंथी गतिविधियों को बढ़ावा देने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि उसका नाम सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के विशेष अनुरोध पर इस सूची से हटाया गया है, जिन्हें पहले अबू मोहम्मद अल-जुलानी के नाम से जाना जाता था। हालांकि, इस पूरे मामले से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
अल-जुलानी का पुराना इतिहास
अल-जुलानी का पुराना अतीत अल-कायदा की सीरियाई शाखा अल-नुसरा से जुड़ा हुआ रहा है। समय के साथ इस संगठन ने अपना नाम बदलकर हयात तहरीर अल-शाम यानी एचटीएस कर लिया था। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अबू सुलेमान अल-मुहाजिर, शफी सुल्तान मोहम्मद अल-अजमी और अब्दुल समरेज़ जशारी जैसे अन्य कई लोगों के नाम भी अमेरिकी प्रतिबंध सूची से हटा दिए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से जब तक इन तमाम मामलों पर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आता, तब तक यह साफ नहीं हो पाएगा कि इन लोगों के नाम सूची से हटाने के पीछे असली आधार और उद्देश्य क्या था।
इतिहास और पुरानी घटनाएं
याद दिला दें कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका की धरती पर बहुत बड़े आतंकी हमले हुए थे, जिसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन ने अल-कायदा और तालिबान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। अमेरिका ने 7 अक्टूबर 2001 को अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। इसके बाद अमेरिकी सेना की गतिविधियां आगे चलकर इराक और सीरिया तक फैल गईं, जहां इस्लामिक स्टेट यानी दाएश के खिलाफ भी लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाए गए।
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
अल-कायदा से जुड़े इन लोगों पर से प्रतिबंध हटाने की यह खबर ठीक ऐसे समय पर सामने आई है, जब अमेरिका अपने सबसे बड़े आतंकी हमलों की 25वीं बरसी की तरफ आगे बढ़ रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में इस तरह के फैसले को लेकर दुनिया भर के सुरक्षा विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के मन में कई तरह के सवाल उठना बिल्कुल स्वाभाविक है। हालांकि, यह भी सच है कि प्रतिबंध सूची से किसी भी व्यक्ति का नाम हट जाने मात्र से उसके खिलाफ लगाए गए सभी पुराने आरोप अपने आप खत्म नहीं हो जाते हैं। इस मामले में अमेरिकी सरकार की तरफ से आने वाली आधिकारिक जानकारी और संबंधित दस्तावेजों के सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।