Amritsar Airport: अमृतसर एयरपोर्ट पर ड्रोन दिखने से मचा हड़कंप, 90 मिनट तक रुकी उड़ानें और कई फ्लाइट्स डायवर्ट

पंजाब के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 6 सितंबर 2026 की रात को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब रनवे के पास एक संदिग्ध ड्रोन जैसी चीज दिखाई दी। सुरक्षा को ध्यान में रखते ہوئے एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही को करीब 90 मिनट के लिए पूरी तरह रोक दिया गया। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास होने के कारण इस मामले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF, पंजाब पुलिस और एयरपोर्ट की ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने तुरंत मोर्चा संभाला और हाई-सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया गया। इस घटना की वजह से यूएई और मलेशिया से आने वाले यात्रियों समेत कई लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उड़ानों पर पड़ा असर और डायवर्जन
एयरपोर्ट डायरेक्टर अनिरुद्ध कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि रात लगभग 9:50 बजे उड़ानों का संचालन बंद करना पड़ा था। सुरक्षा के कड़े उपायों के तहत कुल सात आने वाली उड़ानों को दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इनमें शारजाह से आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E1428 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX138 शामिल थीं। इसके अलावा कुआलालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट और दिल्ली तथा मुंबई से आने वाली कई घरेलू उड़ानें भी इससे प्रभावित हुईं। सभी सुरक्षा पहलुओं की जांच और समीक्षा करने के बाद रात 11:15 बजे एयरपोर्ट पर सामान्य संचालन फिर से शुरू कर दिया गया। राहत की बात यह रही कि डायवर्ट की गई सात उड़ानों में से पांच फ्लाइट्स उसी रात वापस अमृतसर लौट आईं।
पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात
घटना के बाद रजांसांसी पुलिस ने मामले की गहन जांच की और स्पष्ट किया कि यह ड्रोन गतिविधि किसी भी तरह के आतंकी या सीमा पार के सुरक्षा खतरे से जुड़ी नहीं थी। जांच में अधिकारियों को पता चला कि यह उपकरण पास के एक गांव में आयोजित टूर्नामेंट के दौरान एरियल वीडियोग्राफी यानी हवा से वीडियो बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। हालांकि पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि एयरपोर्ट के आठ किलोमीटर के दायरे में जिला प्रशासन द्वारा ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। अब अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि इस ड्रोन को कौन चला रहा था और प्रतिबंधित क्षेत्र में इसे कैसे लाया गया, जिसके बाद नियमों के उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।