मध्य पूर्व संकट: इसराइल की सैन्य कार्रवाई से कूटनीतिक रास्ते बंद, विश्लेषक ने दी चेतावनी

Nura Basta18 September 20262 min read20 viewsWorld
मध्य पूर्व संकट: इसराइल की सैन्य कार्रवाई से कूटनीतिक रास्ते बंद, विश्लेषक ने दी चेतावनी

मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच एक बड़े राजनीतिक विश्लेषक ने इसराइल की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा है कि सैन्य कार्रवाई से शांति की उम्मीदें खत्म हो रही हैं। 18 सितंबर 2026 को अकादमिक और राजनीतिक विश्लेषक Mahjoob Zweiri ने Al Jazeera English पर एक लेख प्रकाशित किया जिसका शीर्षक 'Israel is killing the people who could end its wars' था। उन्होंने बताया कि इसराइल क्षेत्रीय स्थिरता लाने वाले मजबूत और व्यावहारिक समझौतों को खुद ही कमजोर कर रहा है। इस विश्लेषण के मुताबिक, इसराइल के मौजूदा कदमों से अमेरिकी सैन्य दबाव कम होता है जिससे शासन में बदलाव की उम्मीदों पर भी पानी फेर रहा है। इसराइली सेना द्वारा मुख्य वार्ताकारों जैसे Ali Larijani को निशाना बनाने से प्रतिरोध और मजबूत होता है और वे लोग खत्म होते हैं जो कूटनीतिक समझौते करा सकते थे।

संयुक्त राष्ट्र में सीरिया का कड़ा रुख

इसी बीच सीरिया के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि Ibrahim Olabi ने 18 सितंबर 2026 को UN Security Council को बताया कि इसराइल मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। उन्होंने लगातार हो रहे हवाई हमलों और क्षेत्रीय घुसपैठ को शांति के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बताया। यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी सेना के CENTCOM ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं और औद्योगिक ठिकानों पर लगातार हमले जारी रखे। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या ईरानी शासन को पूरी तरह खत्म करने का प्रयास किया जाए या फिर इस संघर्ष को समाप्त करने का कोई रास्ता निकाला जाए। दूसरी ओर अमेरिका और इसराइल के बीच सैन्य सहयोग अपने चरम पर पहुंच चुका है।

राजनयिक स्तर पर बातचीत और क्षेत्रीय चिंताएं

कूटनीतिक स्तर पर तनाव अभी भी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चीनी विदेश मंत्री Wang Yi के साथ 16 सितंबर 2026 को हुई चर्चा के बाद यह दोहराया कि ईरान क्षेत्रीय साझेदारों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता ज्ञापन अभी भी वैध है। इस बीच फिलीपींस के विदेश विभाग ने 17 सितंबर 2026 को वेस्ट बैंक में इसराइल की E1 settlement plan और यहूदी बस्तियों में हो रही हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई है। इसके अलावा Tehran Times में 18 सितंबर 2026 को छपे एक अन्य लेख में यह कहा गया कि मौजूदा संघर्ष ने बदलती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं के बीच 'the American Middle East' के दौर को समाप्त कर दिया है क्योंकि इसराइल लगातार सैन्य हस्तक्षेप को बढ़ावा दे रहा है।

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