अन्नु रानी के घुटने की दोहा में सर्जरी सफल, करीब एक साल से झेल रही थीं दर्द
भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी अन्नु रानी की दोहा में सफल घुटना सर्जरी हुई है। चोट से जूझ रही अन्नु ने जल्द वापसी और देश के लिए खेलने की इच्छा जताई है।

नई दिल्ली: दो बार की ओलंपियन और पूर्व एशियाई खेलों की चैंपियन अन्नु रानी की दोहा में घुटने की सफल सर्जरी हुई है। करीब एक साल से चोट और लगातार दर्द से जूझ रही भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी साझा की है।
अन्नु रानी ने इंस्टाग्राम पर बताया कि पिछले एक साल का समय उनके खेल करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में से एक रहा। उन्होंने कहा कि घुटने के दर्द की वजह से उनके लिए ट्रेनिंग करना, प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना और अपने पसंदीदा खेल को जारी रखना मुश्किल हो गया था।
34 वर्षीय खिलाड़ी के लिए साल 2024 काफी कठिन रहा। राष्ट्रीय रिकॉर्ड (63.82 मीटर) रखने वाली अन्नु ने इस साल आठ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और तीन में जीत हासिल की, लेकिन वह किसी भी इवेंट में 60 मीटर का आंकड़ा पार नहीं कर पाईं।
सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज में उन्होंने 57.50 मीटर का अपना सीजन-बेस्ट थ्रो किया। यह प्रदर्शन एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के 57.62 मीटर के क्वालीफिकेशन स्टैंडर्ड से 12 सेंटीमीटर कम था, जिसकी वजह से वह 2026 एशियाई खेलों के भारतीय दल में जगह नहीं बना पाईं।
इस साल की शुरुआत में ही उनकी घरेलू प्रतियोगिताओं में आठ साल से चली आ रही जीत का सिलसिला टूट गया था। मई में संगरूर में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज में वह 55.78 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि, इसके बाद उन्होंने चेकिया और भुवनेश्वर में जीत दर्ज की और नई दिल्ली में एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में टॉप किया था।
अन्नु का आखिरी 60 मीटर से ज्यादा का थ्रो अगस्त 2025 में चेन्नई में नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आया था, जहां उन्होंने 61.05 मीटर के साथ जीत दर्ज की थी। इससे पहले अगस्त में ही उन्होंने पोलैंड में 62.59 मीटर और भुवनेश्वर में 62.01 मीटर का थ्रो किया था।
वापसी के समय के बारे में कोई निश्चित तारीख न बताते हुए अन्नु ने कहा कि अब धैर्य, समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ रिकवरी का सफर शुरू होता है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह और अधिक मजबूती के साथ वापसी करेंगी ताकि भारत के लिए फिर से गौरव हासिल कर सकें।