UAE को एक और देश ने किया ब्लैकलिस्ट, सरकारी आदेश सम्बंध खत्म करने के हुए जारी

अल्जीरिया ने गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के साथ अपने राजनयिक संबंध खत्म करने का ऐलान किया है। अल्जीरिया के सरकारी टेलीविजन ने विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि द्विपक्षीय रिश्ते बचाने के सभी रास्ते बंद हो जाने के बाद यह फैसला लिया गया।
रिश्ते तोड़ने की बड़ी वजह क्या?
अल्जीरिया ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस फैसले की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, अल्जीरियाई मीडिया लंबे समय से यूएई पर उसके आंतरिक और क्षेत्रीय मामलों में दखल देने तथा क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाता रहा है।
अल्जीरिया के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि संबंध समाप्त करने का फैसला तब लिया गया, जब दोनों देशों के रिश्ते बचाने के लिए उपलब्ध सभी विकल्प खत्म हो गए।

तनाव पहले से चल रहा था
अल्जीरिया और यूएई के बीच तनाव अचानक पैदा नहीं हुआ। दोनों देशों के बीच उत्तर अफ्रीका और मध्य-पूर्व के कई राजनीतिक मुद्दों पर मतभेद रहे हैं। अल्जीयर्स क्षेत्रीय संघर्षों में गैर-हस्तक्षेप और राष्ट्रीय संप्रभुता पर जोर देता रहा है, जबकि अबू धाबी की क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा भूमिका को लेकर अल्जीरिया में आलोचना होती रही है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संबंध तोड़ने का तत्काल कारण किसी विशेष घटना, बयान या क्षेत्रीय विवाद से जुड़ा है या नहीं।
अब क्या असर पड़ेगा?
राजनयिक संबंध टूटने के बाद आमतौर पर दोनों देश राजदूतों को वापस बुला सकते हैं और दूतावासों की गतिविधियां सीमित या बंद हो सकती हैं। इसका असर इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है:
- दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद रुक सकता है।
- वीजा और कांसुलर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
- व्यापार और निवेश समझौतों की समीक्षा हो सकती है।
- क्षेत्रीय संकटों पर अरब और अफ्रीकी देशों के बीच मतभेद बढ़ सकते हैं।
- अल्जीरिया और यूएई के नागरिकों को दूतावास संबंधी मदद के लिए तीसरे देश पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
यूएई की ओर से प्रतिक्रिया बाकी
इस घोषणा के समय तक यूएई की ओर से फैसले पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इसलिए यह भी स्पष्ट नहीं है कि अबू धाबी जवाबी राजनयिक कदम उठाएगा या मध्यस्थता के जरिए रिश्ते सुधारने की कोशिश करेगा।
बड़ी कूटनीतिक दरार
अल्जीरिया और यूएई के रिश्ते तोड़ने का फैसला अरब जगत और अफ्रीका के बीच बदलते शक्ति-संतुलन का संकेत माना जा रहा है। दोनों देश ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। यदि यह विवाद लंबा खिंचता है, तो इसका असर केवल द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर अफ्रीका और खाड़ी की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि अल्जीरिया ने संबंध तोड़ने की पुष्टि कर दी है, लेकिन इसके पीछे का विस्तृत और तत्काल कारण अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है।