अदन और मारिब में हूती विद्रोहियों के हमलों की अरब लीग ने की कड़ी निंदा और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप

अदन: अरब लीग ने यमन के अदन और मारिब में हूती मिलिशिया द्वारा किए गए हालिया हमलों की औपचारिक रूप से निंदा की है। लीग ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए इसे एक बेहद खतरनाक वृद्धि करार दिया है। अरब लीग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के साथ अपनी एकजुटता जताई और देश की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है।
15 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच हिंसा काफी बढ़ गई। 15 अक्टूबर को अदन के माशिक पैलेस में स्थित सरकारी मुख्यालय पर मिसाइल हमला हुआ। इस हमले में प्रधानमंत्री शाया अल-ज़ंदानी की सुरक्षा टीम के दो कर्मी मारे गए। यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम बुहाइबे ने बताया कि इस घटना में सुरक्षा गार्डों और नागरिक कर्मचारियों समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई और 16 लोग घायल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री अल-ज़िंदानी और उनके कैबिनेट सदस्य सुरक्षित रहे।
अगले दिन 16 अक्टूबर को अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहरी इलाके में दो मिसाइलें गिरीं, जो यमेनिय एयरवेज की एक उड़ान से बाल-बाल बचीं। इसी समय हूती आंदोलन ने मारिब शहर के रिहायशी इलाकों को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया।
जवाब में यमनी सरकारी बलों ने 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' शुरू किया। सरकार का दावा है कि इस जवाबी कार्रवाई के 24 घंटों के भीतर 430 से अधिक हूती लड़ाकों को खत्म कर दिया गया और 100 से ज्यादा सैन्य संपत्तियों को नष्ट किया गया।
इस तनाव पर 15 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक राष्ट्रपति वक्तव्य जारी कर हिंसा रोकने और प्रस्ताव 2216 (2015) को पूरी तरह लागू करने की मांग की। यमन सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र के इस बयान का स्वागत किया है।
सऊदी अरब के पब्लिक डिप्लोमेसी के उप मंत्री डॉ. रायेद क्रिमली ने ईरान पर हूतियों को उकसाने का आरोप लगाया। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकायी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यमन के सशस्त्र बल अपने हितों में काम कर रहे हैं।