सऊदी अरब ने ग्लोबल एआई गवर्नेंस पर की बात, रियाद में हुआ यूनेस्को का बड़ा सम्मेलन.

Sushma Kumari18 September 20263 min read29 viewsSaudi
सऊदी अरब ने ग्लोबल एआई गवर्नेंस पर की बात, रियाद में हुआ यूनेस्को का बड़ा सम्मेलन.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की तेज रफ्तार और उसके नियमों को लेकर दुनिया भर में इन दिनों बड़ी चर्चा चल रही है। अल जजीरा इंग्लिश में छपे एक लेख के मुताबिक, इस पूरी बहस में ग्लोबल स्तर पर सभी देशों की बराबर हिस्सेदारी नहीं होने पर सवाल उठाए गए हैं। 18 सितंबर 2026 को अलहासन अलसमर्राई द्वारा लिखे गए इस लेख में बताया गया है कि अरब दुनिया जैसे बड़े क्षेत्रों को इन अहम चर्चाओं से दूर रखा गया है। दूसरी तरफ, एआई से जुड़ी बड़ी कंपनियों के मालिक जैसे एंथ्रोपिक के डेरियो अमोदेई, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, एक्सएआई के एलोन मस्क, गूगल डीपमाइंड के डेमिस हसाबिस और माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला ने हाल ही में एआई के विकास को थोड़ा धीमे करने की वकालत की है। लेखक का मानना है कि जो देश एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कम कार्बन वाली बिजली दे सकते हैं, वे आने वाले समय में इसका फायदा उठाकर अपने यहां नियमों को तय करने में अपनी बात मनवा सकते हैं.

रियाद में हुआ यूनेस्को का ऐतिहासिक फोरम

एआई चर्चाओं में सभी देशों को शामिल करने की यह मांग ऐसे समय में उठी है जब सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 14 से 17 सितंबर 2026 के दौरान 4th UNESCO Global Forum on the Ethics of Artificial Intelligence का आयोजन किया गया था। यह पहला मौका था जब किसी अरब देश ने इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी की थी। इस बात की आधिकारिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) के माध्यम से सामने आई है। इस फोरम के दौरान सऊदी डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला बिन शaraf अलघमदी ने देश की उस प्रतिबद्धता के बारे में बताया जिसके तहत एक मजबूत राष्ट्रीय इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसमें पक्के नियम और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां शामिल हैं। वहीं SDAIA के प्रवक्ता सईद बिन मोहम्मद अल-शहरानी ने साफ किया कि सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय एआई मानकों को आकार देना चाहता है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि डेवलपर्स और ऑपरेटर्स को एआई सिस्टम से होने वाले नुकसान के लिए कानूनी तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, जिसकी विस्तृत जानकारी SPA की रिपोर्ट में दी गई है।

क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत हो रहे हैं नियम

अरब देशों में क्षेत्रीय स्तर पर भी शासन व्यवस्था काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर साल 2026 को Year of Artificial Intelligence घोषित किया है। देश ने सऊदी विजन 2030 के साथ अपने राष्ट्रीय प्रयासों को जोड़ने के लिए 15 सितंबर 2026 को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसकी पुष्टि सरकारी पोर्टल पर की गई है। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने जून 2026 में एक संघीय एआई प्राधिकरण की स्थापना की है। यह कदम साल 2024 के यूएई चार्टर फॉर एआई और साल 2021 के फेडरल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन लॉ जैसे पुराने नियमों को और मजबूत बनाता है। इसके अलावा कतर और यूएई जैसे देशों के क्षेत्रीय केंद्रीय बैंकों ने भी वित्तीय संस्थानों में एआई के इस्तेमाल के लिए खास गाइडलाइन्स जारी करनी शुरू कर दी हैं। इन नए नियमों का मकसद कामकाज में पारदर्शिता लाना, भेदभाव रोकना और बेहतर गवर्नेंस सुनिश्चित करना है। यह तमाम बदलाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब यूनाइटेड नेशंस जैसी वैश्विक संस्थाएं लगातार चेतावनी दे रही हैं कि तेजी से आगे बढ़ती एआई तकनीक इंसानी समाज के लिए कई तरह के जोखिम पैदा कर सकती है।

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