सऊदी अरब पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, अरब संसद ने की कड़ी निंदा और जताया समर्थन.

Nura Basta20 September 20262 min read5 viewsSaudi
सऊदी अरब पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, अरब संसद ने की कड़ी निंदा और जताया समर्थन.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद को निशाना बनाकर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद खाड़ी देशों में हलचल तेज हो गई है। 20 सितंबर 2026 को अरब संसद ने इस खतरनाक हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और आम लोगों के साथ-साथ वहां काम करने वाले प्रवासियों में भी चर्चा का माहौल है।

हमले की पूरी घटना और नुकसान

यह घटना 20 सितंबर 2026 की तड़के हुई, जब सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हवा में ही एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोककर तबाह कर दिया। इस हमले की जिम्मेदारी हूथी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारेई ने ली। उनका दावा था कि इस ऑपरेशन में ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से यानबु स्थित अरामको की सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया। रियाद के रहने वालों ने धमाकों की आवाज सुनी और एयर रेड सायरन भी बजाए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

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Flightradar24 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले की वजह से किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन में काफी बाधा आई। एयरपोर्ट के पास मौजूद एक फ्यूल टैंक में आग लग गई थी, जिसे आपातकालीन टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सफलतापूर्वक बुझा लिया। इस बारे में आधिकारिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) के माध्यम से सामने आई है, जिसमें पूरी स्थिति स्पष्ट की गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया

अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल-यामाही ने इस हमले को क्षेत्रीय स्थिरता और अरब राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा खतरा बताया। उन्होंने सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि देश को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की कि वह इस तरह की शत्रुता को रोकने और दोषियों को जिम्मेदार ठहराने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाए।

जुलाई 2026 में संघर्षविराम टूटने के बाद से यह हमला हुआ है, जिसकी वजह से दुनिया भर के कई देशों और संगठनों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। इस सूची में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसिम मोहम्मद अलुदैवी के अलावा मिस्र, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और यमन की सरकारें भी शामिल हैं। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी SPA Official Report में दी गई है।

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