Arab Parliament ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए ईरानी ड्रोन हमलों की की कड़ी निंदा, सुरक्षा पर मंडराया खतरा।

Aanya2 September 20263 min read36 viewsBahrain
Arab Parliament ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए ईरानी ड्रोन हमलों की की कड़ी निंदा, सुरक्षा पर मंडराया खतरा।

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ Arab Parliament के अध्यक्ष Mohammed bin Ahmed Al Yamahi ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए हालिया ईरानी ड्रोन हमलों और आक्रामक कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। यह पूरी घटना 2 सितंबर 2026 को सामने आई, जब क्षेत्र में सुरक्षा हालात अचानक काफी गंभीर हो गए और आम लोगों के मन में भी डर का माहौल बन गया। इस हमले के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और आम नागरिक तथा प्रवासी लोग भी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं, खासकर वे लोग जो इन देशों में रहकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून पर असर

अध्यक्ष Al Yamahi ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यह हरकतें क्षेत्र की सुरक्षा, संप्रभुता और स्थिरता के लिए एक बहुत बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं। Arab Parliament ने अपने बयान में उन सभी देशों के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है जिन पर यह हमले हुए हैं और उनकी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए गए हर जरूरी कदम का समर्थन किया है। संगठन ने किसी भी ऐसे हमले को सिरे से खारिज किया है जो अरब देशों की सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश करता है। इस बारे में अधिक जानकारी आप आधिकारिक WAM News रिपोर्ट में देख सकते हैं।

इन हमलों से पहले 1 सितंबर 2026 को अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद से क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया था, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया गया था। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी सेना के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने की बात कही और जॉर्डन सहित कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। 2 सितंबर को बहरीन की वायु रक्षा प्रणालियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हवा में ही आने वाले हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया और उन्हें नष्ट कर दिया। उसी दिन कतर और कुवैत के विदेश मंत्रालयों ने भी इन हमलों की निंदा की। कुवैत ने इन कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन करार दिया। इस पूरे घटनाक्रम का असर समुद्री सुरक्षा पर भी पड़ा है, जहाँ सऊदी अरब की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी ने पुष्टि की कि 2 सितंबर को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक पोत से जुड़ी सुरक्षा घटना में दो नाविकों की मौत हो गई।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई है कि वह तुरंत और गंभीर कदम उठाए ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन हो सके, ऐसे हमलों को दोबारा होने से रोका जा सके और क्षेत्रीय तनाव को खत्म करने के लिए कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता दी जाए। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य कामगारों के लिए भी यह समय काफी सावधानी बरतने का है, क्योंकि इस तरह के क्षेत्रीय तनाव से दैनिक जीवन और काम-काज पर असर पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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