Saudi Arabia Security: सऊदी अरब की सुरक्षा पर अरब संसद का कड़ा बयान, कहा- देश की स्थिरता से कोई समझौता नहीं.

Sushma Kumari8 September 20262 min read30 viewsSaudi
Saudi Arabia Security: सऊदी अरब की सुरक्षा पर अरब संसद का कड़ा बयान, कहा- देश की स्थिरता से कोई समझौता नहीं.

हाल ही में सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और सख्त बयान सामने आया है, जिससे पूरे खाड़ी देशों में हलचल तेज हो गई है। 8 सितंबर 2026 को अरब संसद ने आधिकारिक तौर पर यह घोषित किया कि सऊदी अरब की सुरक्षा उनके लिए एक 'रेड लाइन' यानी लाल लकीर है। इस बयान का सीधा मतलब यह है कि अगर किंगडम की स्थिरता को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, तो यह पूरे अरब राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र पर सीधा हमला माना जाएगा। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब दक्षिणी सऊदी शहरों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।

हाथी मिलिशिया के हमलों से मचा हड़कंप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सख्त चेतावनी हूती मिलिशिया फोर्सेज की तरफ से किए गए हमलों के बाद आई है। इन हमलों में सऊदी अरब के दक्षिणी शहरों जैसे अभहा, खमीस मुशाइत, जाज़ान और नजरान को निशाना बनाया गया। इन इलाकों में नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले किए गए, जिससे वहां का आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ। आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, इन हिंसक हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 73 लोग घायल हो गए हैं। इस घटना ने वहां रहने वाले स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ प्रवासियों की चिंता भी बढ़ा दी है।

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ऊर्जा संयंत्रों और सुविधाओं को पहुंचा नुकसान

हमलों का असर केवल रिहायशी इलाकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि इन हमलों की वजह से कई ऊर्जा सुविधाओं और यूटिलिटीज में भीषण आग लग गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित साइटों पर कामकाज को अस्थाई रूप से निलंबित यानी कुछ समय के लिए रोक देना पड़ा। इस मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी Saudi Press Agency (SPA) की रिपोर्ट में दी गई है, जिसमें नुकसान की पूरी बात सामने आई है।

क्षेत्रीय नेताओं का कड़ा रुख और समर्थन

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अरब संसद के स्पीकर मोहम्मद बिन अहमद अल-यामाही ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि किंगडम की सुरक्षा पूरे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच सऊदी विदेश मंत्रालय ने इन सभी हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि देश के पास अपनी संप्रभुता की रक्षा करने, अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं को बचाने और अपने सभी नागरिकों तथा निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा अधिकार है। इस बारे में आधिकारिक बयान SPA पर जारी किया गया था। वहीं दूसरी ओर, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC के महासचिव ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए इसे एक चरमपंथी आपराधिक तरीका बताया। इसके साथ ही लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने भी सऊदी अरब के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया और कहा कि किंगडम की सुरक्षा पूरे अरब क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। इस पूरी घटना की मूल जानकारी SPA News के माध्यम से साझा की गई है।

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