हमलों के कुछ दिन में अरामको ने तेल निर्यात फिर शुरू किया, मुनाफा 34.5% बढ़ा
सऊदी अरामको का तीसरी तिमाही में मुनाफा 36.25 अरब डॉलर पहुंचा। सीईओ अमीन नासिर ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की बहाली की पुष्टि की है।

रियाद: सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने घोषणा की है कि रणनीतिक ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के कुछ ही दिनों के भीतर कंपनी ने तेल निर्यात फिर से शुरू कर दिया है। इस व्यवधान के बावजूद, कंपनी ने खाड़ी निर्यात टर्मिनलों का उपयोग करके और शिप-टू-शिप ट्रांसफर जैसे विकल्पों को अपनाकर निर्यात की मात्रा को न केवल बनाए रखा, बल्कि उसमें बढ़ोतरी भी की।
अमीन नासिर ने बताया कि बुनियादी ढांचे की बहाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया के काम उद्योग के मानकों की तुलना में छह गुना तेजी से पूरे किए गए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस मरम्मत कार्य में इस्तेमाल होने वाली 90 प्रतिशत से अधिक सामग्री सऊदी अरब के भीतर से ही जुटाई गई थी।
भविष्य की तैयारियों को लेकर नासिर ने पुष्टि की कि ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के विस्तार के लिए शुरुआती इंजीनियरिंग कार्य शुरू हो चुका है। इस परियोजना का लक्ष्य पाइपलाइन की वर्तमान क्षमता को 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन से बढ़ाकर 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन करना है।
सीईओ के मुताबिक, इस विस्तार से निर्यात मार्गों को मजबूती मिलेगी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने क्षेत्रीय संघर्षों के बीच वैश्विक ऊर्जा प्रवाह को प्रभावित होने से बचाने के लिए इस पाइपलाइन को एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा बताया।
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद, 2026 की तीसरी तिमाही में अरामको का शुद्ध लाभ 34.5 प्रतिशत बढ़कर 36.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
अमीन नासिर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तेल की मांग मजबूत बनी हुई है। उनके अनुमान के मुताबिक, वैश्विक इन्वेंट्री को पर्याप्त रूप से भरने के लिए बाजार को प्रतिदिन अतिरिक्त 3 मिलियन बैरल तेल की आवश्यकता हो सकती है।