अररिया सिविल कोर्ट में नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए शोकसभा, अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि.

पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई प्रलयकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की वजह से भारी तबाही देखने को मिली है, जिसमें कई बेकसूर लोगों की जान चली गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है। इस भयंकर आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करने के लिए बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को एक विशेष शोकसभा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्थानीय वकीलों और अदालत से जुड़े तमाम कर्मचारियों ने मिलकर नेपाल के आपदा पीड़ितों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई और मुश्किल समय में हर संभव मदद का भरोसा दिया।
दो मिनट का मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि
आयोजित इस शोकसभा के दौरान सभी अधिवक्ताओं ने अपनी कुर्सियों से खड़े होकर नेपाल की आपदा में जान गंवाने वाले मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और उन्हें अपनी नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। वकीलों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के इस दौर में पूरा फारबिसगंज बार एसोसिएशन पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। इस दौरान नेपाल में मची तबाही से उपजे हालातों पर भी विस्तार से चर्चा की गई और वहां के नागरिकों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
भारत और नेपाल के पुराने और गहरे रिश्ते
फारबिसगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश चंद्र वर्मा और अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विश्वजीत प्रसाद की संयुक्त अध्यक्षता में इस सभा का संचालन किया गया। इस मौके पर दोनों संघ के अध्यक्षों ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और नेपाल के संबंध बहुत पुराने, ऐतिहासिक और बेहद गौरवशाली रहे हैं। दोनों देशों के बीच केवल कूटनीतिक रिश्ते नहीं हैं, बल्कि आपस में बेटी और रोटी का बहुत गहरा नाता है। जब भी किसी एक देश पर कोई बड़ी मुसीबत आती है, तो दूसरा देश परिवार के सदस्य की तरह मदद के लिए आगे आता है।
भारत सरकार के राहत कार्यों की सराहना
अध्यक्षों ने आगे कहा कि आज हमारा पड़ोसी देश एक बहुत बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, ऐसे में हमारी गहरी संवेदनाएं नेपाल के हर एक नागरिक के साथ हैं। वकीलों ने नेपाल में बचाव और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों की खुलकर सराहना की। वकीलों ने यह भी भरोसा दिलाया कि इस आपदा की घड़ी में भारतीय नागरिक और स्थानीय लोग हर संभव मदद नेपाल के पीड़ित भाइयों तक पहुंचाएंगे ताकि उन्हें इस संकट से बाहर निकलने में कुछ राहत मिल सके। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय अधिवक्ता और न्यायालय के अन्य कर्मी मौजूद रहे।