बिहार के अररिया में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नेपाल से लाई जा रही 33 बोतल शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार.

बिहार के अररिया जिले में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। कुर्साकांटा थाना क्षेत्र के अधीन आने वाली कुआड़ी थाना पुलिस ने शनिवार की शाम को एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए नेपाल से लाई जा रही शराब की एक बड़ी खेप को पकड़ा है। इस दौरान पुलिस ने मौके से एक नेपाली नागरिक को भी धर दबोचा है जो अवैध तरीके से शराब की डिलीवरी करने के लिए वहां पहुंचा हुआ था। पुलिस की इस मुस्तैदी से इलाके में अवैध कारोबार करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है और प्रशासन लगातार ऐसे मामलों में कड़ी नजर बनाए हुए है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
मिली जानकारी के अनुसार, कुआड़ी थाना के थानाध्यक्ष विकास कुमार को शनिवार की शाम को किसी खास शख्स के जरिए गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में नेपाल के रास्ते शराब की एक बड़ी खेप की डिलीवरी होने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया और बिना देर किए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम को तुरंत कुआड़ी बाजार के पास तैनात कर दिया गया ताकि आने-जाने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा सके और जैसे ही तस्कर पहुंचे उसे तुरंत काबू में किया जा सके।
नेपाली तस्कर के पास से बरामद हुई शराब
पुलिस की ओर से की गई नाकेबंदी और निगरानी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति वहां पहुंचा। जब पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर तलाशी ली तो उसके पास से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। पकड़े गए शख्स के पास से कुल 33 बोतल शराब जब्त की गई है। पूछताछ के दौरान इस आरोपी की पहचान नेपाल के ढीठोरा कॉलोनी वार्ड संख्या 14, जो कि सिकटी थाना क्षेत्र से सटा हुआ है, के रहने वाले बादल कुमार के रूप में हुई है। बादल कुमार पिता अरुण पासवान का रहने वाला है और वह सीमा पार से अवैध शराब लाकर इस तरफ सप्लाई करने का काम कर रहा था।
आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी पुलिस
कुआड़ी थाना पुलिस ने आरोपी नेपाली तस्कर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उसे थाने ले आई। इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस थाने में संबंधित धाराओं के तहत नया कांड दर्ज कर लिया गया है। थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ के दौरान कई अन्य अहम जानकारियां भी हाथ लगी हैं। तस्कर ने पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं जिन्हें इस अवैध कारोबार में शामिल बताया जा रहा है। पुलिस अब उन तमाम संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करने में जुटी हुई है ताकि इस तस्करी के पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।