अररिया में एसएसबी की बड़ी कार्रवाई, 6.56 लाख नेपाली मुद्रा और वाहन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

बिहार के अररिया जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों ने अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसबी 56वीं वाहिनी बथनाहा की बाह्य सीमा चौकी बेला के जवानों ने रविवार को कार्रवाई करते हुए 6.56 लाख रुपये की अवैध नेपाली मुद्रा और एक चार-पहिया वाहन के साथ दो तस्करों को धर दबोचा है। इस कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा बल सीमावर्ती इलाकों में लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
खुफिया जानकारी के आधार पर हुई कार्रवाई
एसएसबी मुख्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के बेला वार्ड संख्या 07 से एक चार-पहिया वाहन के जरिए भारी मात्रा में अवैध नेपाली करेंसी को बिहार के ही भीमनगर, सुपौल की तरफ ले जाया जा रहा है। इस पुख्ता सूचना के आधार पर तुरंत एक विशेष गश्ती दल का गठन किया गया, जिसकी अगुवाई सहायक उप-निरीक्षक सुनील कुमार मीणा ने की। गश्ती दल ने बिना देर किए सीमा स्तंभ संख्या 198/2 से लगभग तीन सौ मीटर भारत की सीमा के भीतर घेराबंदी कर दी और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी।
संदिग्ध वाहन की तलाशी में मिला काला थैला
जांच के दौरान जब एक संदिग्ध सफेद रंग की महिंद्रा वीरो गाड़ी वहां से गुजरी, तो सुरक्षा बलों ने उसे रुकने का इशारा किया। वाहन को रोककर जब उसकी गहन तलाशी ली गई, तो उसमें से एक काले रंग की प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। उस थैली को खोलने पर उसके अंदर से कुल 6.56 लाख रुपये की नेपाली करेंसी निकली। गिनती करने पर पता चला कि इस रकम में एक हजार रुपये के 458 नोट और पांच सौ रुपये के 396 नोट शामिल थे। पकड़े गए तस्करों से जब इस भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा को ले जाने के संबंध में वैध दस्तावेज या कागजात मांगे गए, तो वे कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और कागजात दिखाने में असमर्थ रहे।
तस्करों की हुई पहचान और आगे की कार्रवाई
तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मौके से दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुपौल जिले के बीरपुर थाना क्षेत्र के बौराहा गांव के रहने वाले 25 वर्षीय रूपेश कुमार यादव (पिता - सदानंद यादव) और सुपौल के ही बनेलीपट्टी के रहने वाले 18 वर्षीय उदय कुमार (पिता - उमेश कुमार) के रूप में हुई है। सुरक्षा बलों ने नियमों के तहत अवैध नेपाली मुद्रा, उसमें इस्तेमाल किए गए चार-पहिया वाहन महिंद्रा वीरो और दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क कार्यालय फारबिसगंज के सुपुर्द कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी हिन्दुस्तान समाचार के माध्यम से राहुल कुमार ठाकुर ने साझा की है।