भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग मजबूत, आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ पहुंचे मॉस्को.

भारतीय सेना प्रमुख General Dhiraj Seth इन दिनों अपनी आधिकारिक यात्रा पर Russia की राजधानी Moscow पहुंचे हैं। इस अहम दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच पुराने सैन्य संबंधों को और अधिक मजबूत करना तथा रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के अनुसार, इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच आपसी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बातचीत हुई है।
रूस के रक्षा मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक
अपनी इस यात्रा के दौरान आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ ने रूस के रक्षा मंत्रालय का दौरा किया। वहां उन्होंने रूस के उप रक्षा मंत्री General Yunus-Bek Yevkurov से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को लेकर लंबी चर्चा की। इस दौरान संयुक्त क्षमता विकास, पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान और सेना से सेना के बीच के संबंधों को बढ़ाने पर मुख्य रूप से जोर दिया गया। यह बैठक दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
रूसी भूमि सेना मुख्यालय का दौरा
इससे पहले मॉस्को पहुंचने पर आर्मी चीफ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उन्होंने अज्ञात सैनिक की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने रूसी भूमि सेना मुख्यालय का भी दौरा किया। वहां दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाने और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। भारत और रूस के बीच यह पारंपरिक सैन्य-तकनीक सहयोग अब खरीदार और विक्रेता के रिश्ते से आगे बढ़कर आधुनिक रक्षा तकनीकों के संयुक्त अनुसंधान, विकास और उत्पादन की ओर बढ़ रहा है।
भारतीय राजदूत और आगे का कार्यक्रम
अपनी इस यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ ने रूस में भारत के राजदूत Vinay Kumar से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में भारत-रूस द्विपक्षीय सहयोग और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर विचार किया गया। अपनी यात्रा के अगले चरण में आर्मी चीफ सेंट पीटर्सबर्ग भी जाएंगे, जहां वे मिखाइलोज़स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का दौरा करेंगे और वहां के वरिष्ठ अधिकारियों तथा शिक्षकों से बातचीत करेंगे। भारत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह दौरा दोनों देशों के बीच निरंतर सैन्य कूटनीति को दर्शाता है, क्योंकि रूस आज भी भारत को रक्षा उपकरण, इंजन और जरूरी स्पेयर पार्ट्स मुहैया कराने वाला एक प्रमुख देश है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।