कुवैत: रेगिस्तान की रेत में दबाकर रखी थीं शराब की 48 बोतलें, एशियाई प्रवासी गिरफ्तार

कुवैत में कानून की सख्ती के बावजूद अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ अभियान जारी है। इसी कड़ी में, मीना अब्दुल्ला पुलिस स्टेशन की टीम ने एक एशियाई प्रवासी को शराब की तस्करी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह हैरान करने वाला मामला तब सामने आया जब पुलिस ने रेगिस्तान की रेत में छिपाकर रखी गई शराब की 48 बोतलों का जखीरा बरामद किया।
घटना उस समय हुई जब मीना अब्दुल्ला इलाके के रिफाइनरी बेल्ट के पास पुलिस की एक नियमित गश्ती टीम तैनात थी। गश्त के दौरान अधिकारियों की नजर एक व्यक्ति पर पड़ी, जिसकी गतिविधियां बेहद संदिग्ध लग रही थीं। शक होने पर जब पुलिस ने उसका पीछा किया, तो वह पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि वह शराब की बोतलों को रेगिस्तान की रेत में गाड़कर छिपा देता था, ताकि जब भी ग्राहक मांग करें, वह उन्हें निकाल कर बेच सके।
बड़ी मात्रा में शराब बरामद, आरोपी जेल में
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उस जगह की तलाशी ली जहां उसने हाल ही में बोतलें दबाई थीं। वहां से कुल 48 स्थानीय स्तर पर निर्मित शराब की बोतलें बरामद की गईं। इसके अलावा, आरोपी के पास से कुछ नकदी भी मिली है, जिसे पिछली बिक्री से कमाई गई रकम माना जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व मेजर जनरल हमद अल-मुनिफी और ब्रिगेडियर जनरल अब्दुलअजीज अल-ओमर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में किया गया।
कुवैत का कानून शराब के मामले में बेहद सख्त है। कानून संख्या 46 (1964) के तहत, देश में शराब का उत्पादन, बिक्री, आयात और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस मामले में आरोपी को संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है। नियमों के मुताबिक, शराब बनाने या बेचने के दोषी पाए जाने वाले लोगों को न केवल जेल की सजा हो सकती है, बल्कि उन्हें देश से स्थायी रूप से डिपोर्ट (निर्वासित) भी किया जा सकता है।