सऊदी अरब के जाज़ान और नजरान हवाई अड्डों पर हमला, तीन लोग घायल

सऊदी अरब के दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हुए हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 की शाम को जाज़ान के किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नजरान इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अलग-अलग हमलों का निशाना बनाया गया। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने मंगलवार को इन घटनाओं की पुष्टि करते हुए बताया कि इन हमलों में हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है और तीन लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।
घटना के तुरंत बाद घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया। GACA के मुताबिक, हमले के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया ताकि सुरक्षा प्रोटोकॉल को लागू किया जा सके। वर्तमान में सुरक्षा एजेंसियां और विमानन अधिकारी मिलकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं, ताकि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और नागरिक उड्डयन प्रणाली को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
हूतियों ने ली हमलों की जिम्मेदारी
यमन स्थित हूती समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के कई "संवेदनशील स्थलों" को निशाना बनाया है। हूतियों के अनुसार, जाज़ान और नजरान के अलावा रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, राबिघ में स्थित अरामको तेल रिफाइनरी और अबहा एयरपोर्ट सहित कई सैन्य ठिकानों पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं।
इतना ही नहीं, हूती समूह ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के लिए एक चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने एयरलाइनों को सलाह दी है कि वे मक्का और मदीना की यात्रा को छोड़कर सऊदी अरब के अन्य हवाई क्षेत्रों का उपयोग न करें, क्योंकि वे इन क्षेत्रों को अब "ऑपरेशन जोन" मान रहे हैं। यह पूरा घटनाक्रम सऊदी अरब और यमन के हूती बलों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और संघर्ष के बीच सामने आया है।