कतर इंडोनेशिया पाकिस्तान और तुर्किये ने दोहा में बद्र रक्षा उद्योग सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए

Satyam Kumari21 October 20262 min read0 viewsQatar
कतर इंडोनेशिया पाकिस्तान और तुर्किये ने दोहा में बद्र रक्षा उद्योग सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए

दोहा: कतर, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और तुर्किये ने बुधवार को एक बहुपक्षीय रक्षा उद्योग सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते को 'बद्र समझौता ज्ञापन' का नाम दिया गया है। 'बद्र' का अर्थ 'पूर्णिमा का चांद' होता है, जिसे यह दर्शाने के लिए चुना गया है कि ये चारों देश इस रणनीतिक साझेदारी के जरिए एक-दूसरे के पूरक बनेंगे।

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच संयुक्त विनिर्माण, तकनीकी सैन्य प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास के साथ-साथ समग्र रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है। इस दौरान तुर्किये के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री यासर गुलेर, तुर्किये रक्षा उद्योग के अध्यक्ष हलुक गोर्गुन, कतर के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मामलों के राज्य मंत्री शेख सऊद बिन अब्दुलरहमन बिन हसन अल Thani, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ और इंडोनेशिया के उप रक्षा मंत्री यूसुफ जौहारी मौजूद थे।

यह समझौता तकनीक और ज्ञान के हस्तांतरण, सप्लाई चेन एकीकरण और सैन्य इंटरऑपरेबिलिटी में सुधार पर केंद्रित एक ढांचा तैयार करता है। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह समझौता एक बड़ा आर्थिक अवसर है और सैन्य साझेदारी बढ़ाने के सामूहिक इरादे को दर्शाता है।

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हलुक गोर्गुन ने इस समझौते को भविष्य के सहयोगात्मक प्रयासों के लिए एक जरूरी बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अब ध्यान केवल उपकरणों की बिक्री पर नहीं, बल्कि संयुक्त उत्पादन और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता साझा करने पर होगा। इस समझौते के तहत चुनिंदा पुर्जों का सह-उत्पादन किया जाएगा और रक्षा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से ढाला जाएगा, जिसमें तुर्किये कई संयुक्त हथियार उत्पादन केंद्रों की मेजबानी करेगा।

यह पहल तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की विदेश नीति के अनुरूप है, जिसमें रक्षा साझेदारी को प्राथमिकता दी गई है। यह डील पहले से चल रहे द्विपक्षीय प्रोजेक्ट्स, जैसे पाकिस्तान के साथ कोरवेट और इंडोनेशिया के साथ टैंक विकास प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इस समझौते से चारों देश अपने सहयोगी और मित्र देशों की रक्षा जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे।

यह समझौता अगस्त में तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते से अलग है।

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