बहरीन में विदेशी कामगारों को 90 दिन का अस्थायी काम मिल सकेगा

बहरीन: बहरीन की लेबर मार्केट रेगुलेटरी अथॉरिटी (LMRA) ने नए नियम के तहत योग्य विदेशी कामगारों को अधिकतम 90 दिन के लिए दूसरे नियोक्ता के यहां अस्थायी काम करने की इजाज़त दी है। इसके लिए मौजूदा वर्क परमिट को ट्रांसफर करने की ज़रूरत नहीं होगी।
यह नियम रेजोल्यूशन नंबर 2 ऑफ 2026 के तहत लाया गया है, जो 22 सितंबर 2026 को जारी हुआ। श्रम और कानूनी मामलों के मंत्री और LMRA बोर्ड के चेयरमैन यूसुफ खलाफ ने इसे जारी किया, और अथॉरिटी ने 28 सितंबर 2026 को इसकी घोषणा की। नियम 2008 के रेजोल्यूशन नंबर 76 में किए गए बदलाव के तहत लागू होता है, लेकिन घरेलू कामगार इसमें शामिल नहीं हैं।
इस व्यवस्था का लाभ लेने के लिए कामगार की लिखित सहमति ज़रूरी है। मूल और नए, दोनों नियोक्ताओं को इस व्यवस्था पर राज़ी होना होगा और LMRA से औपचारिक मंज़ूरी लेनी होगी। पूरे अस्थायी काम की अवधि के दौरान कामगार के पास वैध वर्क परमिट होना चाहिए।
बहरीनाइज़ेशन को लेकर भी शर्त रखी गई है। नए नियोक्ता की व्यावसायिक गतिविधि में बहरीनाइज़ेशन का प्रतिशत मूल नियोक्ता जितना या उससे ज़्यादा होना चाहिए, नहीं तो अतिरिक्त नियामक शुल्क देना होगा।
आवेदन की प्रक्रिया LMRA के एक्सपैट मैनेजमेंट सिस्टम (EMS) के ज़रिये होगी। इसके लिए नए नियोक्ता को 5 बहरीनी दीनार (BHD 5) का प्रोसेसिंग शुल्क देना होगा। अस्थायी काम के दौरान कामगार के अधिकारों और दायित्वों की ज़िम्मेदारी मूल और नए, दोनों नियोक्ताओं की संयुक्त होगी।
नियम में नियोक्ताओं को अपनी कंपनी इकाइयों या ग्रुप कंपनियों में अधिकृत विदेशी कामगारों को भेजने की छूट भी दी गई है, बशर्ते बहरीनाइज़ेशन कोटा का पालन होता रहे। अब तक असंबंधित नियोक्ताओं के बीच ऐसे अस्थायी डेप्युटेशन की अनुमति नहीं थी। इस पहल का मकसद कम अवधि की कामकाजी लचीलापन देना और कारोबार की अस्थायी स्टाफ़ की कमी दूर करने में मदद करना है।
बहरीन में बड़ी संख्या में विदेशी आबादी रहती है, जिसमें भारतीय कामगार भी शामिल हैं, इसलिए यह नियम उन्हें सीधे प्रभावित करेगा। पूरी जानकारी और दिशानिर्देश LMRA की वेबसाइट lmra.gov.bh पर उपलब्ध हैं।