सऊदी अरब की ऑयल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला, बहरीन ने की कड़ी निंदा और जताया समर्थन.

खाड़ी देशों में सुरक्षा और शांति को लेकर एक बार फिर से बड़ी चिंता सामने आई है जब 10 सितंबर 2026 को सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद 12 सितंबर 2026 को बहरीन सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस हमले की कड़ी निंदा की और सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट और वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि ऐसी घटनाओं से क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ता है।
बहरीन विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। मंत्रालय की तरफ से साफ कहा गया कि इस तरह नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले करना दुनिया भर की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। बहरीन ने Saudi Press Agency (SPA) के माध्यम से जारी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि सऊदी अरब की सुरक्षा और स्थिरता सीधे तौर पर बहरीन के अपने राष्ट्रीय हितों से जुड़ी हुई है।
पाइपलाइन बंद और शुरुआती जांच के खुलासे
ड्रोन हमलों की वजह से सऊदी अरब की महत्वपूर्ण पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा और कुछ लोग घायल भी हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सऊदी ऊर्जा मंत्रालय नेहतियात के तौर पर पाइपलाइन को अस्थाई रूप से बंद करने का आदेश दिया। 11 सितंबर 2026 को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में मदीना के दक्षिण-पूर्व में पाइपलाइन के पास धुएं और नुकसान के निशान साफ देखे गए। इसके बाद इराकी प्रधानमंत्री Ali Al-Zaidi ने पुष्टि की कि ये ड्रोन इराक की सीमा से उड़ाए गए थे। इस खुलासे के बाद इराकी सरकार ने तुरंत जांच बिठाई और मदीना प्रांत के दक्षिणी हिस्से के कमांडर को पद से हटा दिया।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया
इस खतरनाक घटना के बाद कई बड़े अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों ने अपनी बात रखी। खाड़ी सहयोग संगठन यानी GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने इस घटना को एक खतरनाक बढ़ोतरी करार दिया। वहीं मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव Sheikh Mohammed bin Abdulkarim Al-Issa ने इसे धार्मिक और मानवीय नियमों के खिलाफ एक आपराधिक हरकत बताया। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश के पास अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इराकी नेतृत्व के सीधे अनुरोध पर सऊदी अरब ने फिलहाल किसी भी तरह की जवाबी सैन्य कार्रवाई से परहेज किया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। इससे पहले 2 सितंबर 2026 को भी बहरीन की एयर डिफेंस सिस्टम ने अपने ऊपर मंडरा रहे ड्रोनों को हवा में ही रोक दिया था। खाड़ी देशों में लगातार हो रही इन गतिविधियों से वहां रहने वाले लाखों प्रवासियों और आम नागरिकों में भी सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।