सऊदी पर लगातार हो रहे हमलों से बहरीन नाराज, हूती विद्रोहियों की हरकतों की कड़ी निंदा.

बहतरीन की सरकार ने हाल ही में सऊदी अरब के आम नागरिकों और खास जगहों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। Bahrain के अधिकारियों ने आधिकारिक बयान जारी कर साफ किया है कि सऊदी अरब की सुरक्षा और शांति उनके अपने देश की सुरक्षा जितनी ही अहम है। इस गंभीर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत हो रही है और क्षेत्रीय शांति पर जोर दिया जा रहा है।
सितंबर महीने में हमलों की बड़ी घटनाएं
सितंबर 2026 के दौरान तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था। 26 सितंबर 2026 को यमन में शांति बहाल करने वाले गठबंधन यानी Coalition to Restore Legitimacy in Yemen के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Turki Al-Maliki ने बताया कि उनकी रक्षा प्रणाली ने खमीस मुशायट की तरफ आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों और रियाद क्षेत्र को निशाना बनाने वाले दो ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। इसके अलावा सऊदी सिविल डिफेंस ने आभा, खमीस मुशायट और जिज़ान के लोगों के लिए लगातार खतरे को देखते हुए पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी।
अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन
इससे पहले 25 सितंबर 2026 को भी बहरीन के विदेश मंत्रालय ने ताएफ और यानबु शहरों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिशों की कड़ी निंदा की थी। बहरीन सरकार का कहना है कि ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों, खासकर Resolution 2216 (2015) का खुला उल्लंघन हैं। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत सऊदी अरब द्वारा अपनी और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का पूरा समर्थन किया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की चेतावनी
इस पूरे मामले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी कड़ा रुख अपनाया है। परिषद के सदस्यों ने आम नागरिकों और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों की एक स्वर में निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र ने सैन्य तनाव को तुरंत रोकने की मांग की है और दुनिया भर के देशों से अपील की है कि वे हूती समूह को हथियारों की सप्लाई रोकने में सहयोग करें। साथ ही इन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की बात कही गई है ताकि क्षेत्र में शांति लौट सके।