सऊदी अरब पर हूती हमलों की बहरीन ने की कड़ी निंदा, मक्का और मदीना को निशाना बनाना बताया गलत
बहरीन ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने वाले हूती हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और सऊदी अरब का समर्थन किया।

बहरीन: बहरीन ने सऊदी अरब पर हुए हालिया हूती आतंकवादी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। बहरीन के अधिकारियों ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों को निशाना बनाना सऊदी अरब की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है।
बहरीन ने चेतावनी दी कि इस तरह के हमलों से धार्मिक स्थलों और वहां आने वाले जायरीन की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। बहरीन ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है।
बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह प्रस्ताव 2216 (2015), 2722 (2024) और 2817 (2026) के तहत जरूरी कदम उठाए।
यह विवाद 25 अक्टूबर 2026 को हुई हिंसा के बाद बढ़ा है। उस दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दक्षिणी क्षेत्र की ओर आने वाली 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका था। इसके अलावा खमिस मुशैत की तरफ आने वाली एक क्रूज मिसाइल और रियाद की ओर बढ़ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल व ड्रोन हमले को भी नाकाम किया गया।
हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक असुरक्षित सैन्य लक्ष्य घोषित किया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दो हफ्ते तक बंद रहने के बाद एयरपोर्ट ने आंशिक रूप से काम शुरू किया है। पिछले हमले में यहां 13 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के विदेश विभाग ने सऊदी अरब से अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुला लिया है। अमेरिकी सरकार ने सऊदी अरब और क्षेत्र के 11 अन्य देशों के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है, जिसमें ईरान समर्थित हूती बलों के ड्रोन और मिसाइल हमलों के जोखिम का जिक्र है।
हूतियों ने शनिवार को कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले का दावा किया है। इनमें यनबू अरामको सुविधा, राबिघ तेल रिफाइनरी और कच्चे तेल की पंपिंग से जुड़ा बुनियादी ढांचा शामिल है।